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वनवासियों के जीवन में खुशहाली का प्रतीक है हमारा राजकीय वृक्ष साल
मैं साल हूँ। साल दर साल जंगलों में खड़ा बेमिसाल हंू। मैंने देखा है वक़्त के साथ बहुत कुछ बदला। मैंने भी अपनी शाखाएँ बदली, पत्ते बदले, लेकिन टिका रहा एक ही जगह पर, तब तक जब तक कोई मुझे अपनी जरूरतों के मनमुताबिक ले नहीं गया।
यमुना में बढ़ता प्रदूषण का कहर
यमुना की दिन-ब-दिन बिगड़ती हालत एवं बढ़ते प्रदूषण पर पिछले चार दशकों से लगभग हर सरकार कोरी राजनीति कर रही है, प्रदूषणमुक्त यमुना का कोई ईमानदार प्रयास होता हुआ दिखाई नहीं दिया है।
भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है छठ पूजा
छठ देवी को सूर्य देवता की बहन कहा जाता है। लेकिन छठ व्रत कथा के मुताबिक छठ मइया ईश्वर की पुत्री देवसेना हैं। देवसेना के विषय में कहा जाता है कि वह प्रकृति की मूल प्रवृति के छठवें अंश से पैदा हुईं हैं इसलिए उन्हें षष्ठी कहा जाता है।
कुपोषित विकास एवं कुपोषण की त्रासदी
कुपोषण और भुखमरी से जुड़ी ताजा रिपोर्ट न केवल चौंकाने बल्कि सरकारों की नाकामी को उजागर करने वाली हैं।
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना : गरीबों से रही नाता जोड़, दूर हो रही अस्पतालों की दौड़
बेहतर स्वास्थ्य एवं बीमारी में समुचित इलाज का सपना प्रदेश के हर नागरिकों का था। स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की भी कल्पना थी कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा के साथ हर छोटी बड़ी बीमारियों का इलाज समय पर और सहजता से हो।
बेहद खतरनाक है पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अमीर देशों की उदासीनता
जलवायु संकट से निपटने के लिए अमीर एवं शक्तिशाली देशों की उदासीनता एवं लापरवाह रवैये को लेकर भारत की चिंता गैरवाजिब नहीं है।
जिन घडिय़ों में हंस सकते हंै, उनमें रोये क्यों
जिंदगी का एक लक्ष्य है- उद्देश्य के साथ जीना। सामाजिक स्वास्थ्य एवं आदर्श समाज व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी होता है कत्र्तव्य-बोध और दायित्व-बोध।
दीपावली समृद्धि ही नहीं, शांति का पर्व
भारतभूमि का सबसे बड़ा पर्व है दीपावली। गत दो वर्षों में हमने कोरोना महामारी के कारण यह पर्व यथोचित तरीके से नहीं मना पाये, इसलिये इस वर्ष का दीपावली पर्व अनेक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
नरक चतुर्दशी : बुराइयों को मिटाने का उत्सव
कृष्ण ने नरकासुर नाम के अत्यंत क्रूर राजा को दिवाली से पहले आने वाली चतुर्दशी के दिन मार दिया था।
धनतेरस से शुरू होता है दीपावली पर्व
हमारे देश में सर्वाधिक धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली का प्रारम्भ धनतेरस से हो जाता है। धनतेरस छोटी दीवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है।