Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

नई दिल्ली। फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर हैंडल से जून महीने में शिकायत मिलने के बाद मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहम्मद जुबैर ने एक विशेष धर्म के भगवान की जानबूझकर अपमान करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी। उनके ट्वीट को री-ट़्वीट किया जा रहा था। उनके अनुयायियों व सोशल मीडिया संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर ट्वीट को फैलाना शुरू कर दिया।

जानें कौन हैं जुबैर
जुबैर बेंगलुरु के रहने वाले हैं और उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी का पैरोडी फेसबुक पेज चलाकर प्रसिद्धि हासिल की, जिन्होंने फेसबुक पर शिकायत दर्ज कर फर्जी अकाउंट को डिलीट करने का अनुरोध किया था। उस समय, जुबैर एक आईटी कार्यकारी के रूप में काम करते थे। इसके बाद साल 2017 में जुबैर ने प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर ऑल्ट न्यूज को फैक्ट चेक वेबसाइट के रूप में लॉन्च किया। 

हालांकि, कुछ दिनों बाद ही दोनों अपने कथित पक्षपात के लिए लगातार आलोचनाओं के घेरे में आ गए। जुबैर अक्सर अपने आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर पुलिस के निशाने पर आ चुके थे। पिछले साल, जुबैर के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा 6 अगस्त, 2020 को उनके द्वारा साझा किए गए एक ट्वीट का हवाला देते हुए एनसीपीसीआर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। 

जुबैर ने अपने विवादास्पद ट्वीट में, एक ऑनलाइन झगड़े के दौरान एक नाबालिग लड़की की उसके पिता के साथ हो रही बहस की तस्वीर साझा की थी।  मोहम्मद जुबैर, दक्षिणपंथी समूहों, भाजपा और मीडिया चैनलों के खिलाफ लगातार लिखते हैं बोलते रहते हैं। मीडिया चैनलों की खबरों की आलोचना करते हैं। पिछले माह 26 मई को ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर एक निजी समाचार चैनल की एक बहस की आलोचना करते हुए कहा था कि बहस में प्रवक्ता को बुलाने की क्या जरूरत है यह काम तो हमारे एंकर ही कर रहे।

नुपुर शर्मा मामले में भी जुबैर पर आरोप
मोहम्मद जुबैर पर टेलीविजन शो में भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए वीडियो को एडिट कर साझा करने का भी आरोप है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कई हिंदूवादी संगठनों ने जुबैर के खिलाफ देश के कई हिस्सों में धार्मिक भावनाएं आहत करने के इल्जाम में मुकदमा दर्ज कराया था।

सोमवार को पूछताछ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
सोमवार को मोहम्मद जुबैर को पूछताछ के लिए द्वारका स्थित आईएफएसओ के कार्यालय बुलाया गया था। पूछताछ में उसके ट्वीट को आपत्तिजनक पाया गया। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ऐसा कार्य जिससे माहौल बिगडने और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा 295 (किसी समाज द्वारा पवित्र माने वाली वस्तु का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

पुलिस का कहना है कि आरोपी न पूछताछ में सहयोग कर रहा है और न ही अपना मोबाइल व लैपटॉप दे रहा है। मोबाइल व लैपटॉप की जांच के बाद पता लगेगा कि आरोपी ने विवादास्पद ट्वीट कब किया था और अभी तक कितने ट्वीट किए हैं।