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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे अनुसंधान और नवाचार के बल पर सशस्त्र सेनाओं और देश को सशक्त , समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।

श्री सिंह ने सोमवार को यहां नौसेना के पहले स्वावलंबन सेमिनार को संबोधित करते हुए युवाओं को आह्वान किया कि वे पूरी ताकत के साथ सामने आयें और सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'स्प्रिंट चैलेंज' की शुरूआत जिसका उद्देश्य नौसेना में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्री ने युवाओं से कहा , “ मैं हमारे युवा मित्रों से आग्रह करता हूँ, कि आप सभी अपनी पूरी ताकत के साथ सामने आएं, और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से हमारी सशस्त्र सेनाओं और राष्ट्र को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें। 

नवाचार और स्वदेशीकरण को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दो महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि ये दो ऐसे पिलर हैं, जो हमारी सशस्त्र सेनाओं, उद्योग, अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठानों तथा एकेडमिया आदि के बीच, भारत की वृद्धि और समृद्धि के लिए, सहयोग और समन्वय की राह प्रशस्त करते हैं।  

रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘स्वावलंबन’ की दृष्टि से आज का यह दिन बड़ा खास है। उन्होंने कहा कि 1980 में आज के ही दिन हमारे देश ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया था। आज के ही दिन हमारे देश ने स्वदेशी प्रक्षेपण वाहन से स्वदेशी उपग्रह ‘रोहिणी’ को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था।
नौसेना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा नौसेना ने कड़ी मेहनत और प्रयास से ‘खरीददार नौसेना’ से ‘ निर्माता नौसेना’ बनने की दिशा में महत्त्वपूर्ण यात्रा तय की है। उन्होंने कहा, “ मुझे यह कहते हुए बड़ी सुखद अनुभूति होती है, कि नौसेना ने सतह , उससे नीचे और वायु क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अद्भुत प्रगति की है। हमारी वॉरशिप में लगातार बढ़ती स्वदेशी सामग्री इस बात का बड़ा प्रमाण है। जल्द ही देश को समर्पित किये जाने वाले विमानवाहक पोत में 76 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है। ”
उन्होंने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप पिछले वित्त वर्ष में नौसेना ने अपने पू्ंजीगत बजट का 64 प्रतिशत से अधिक हिस्सा घरेलू खरीद में व्यय किया है और अब यह 70 फीसदी तक बढ जायेगा।