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0 इस्लामिक एनजीओ रैबिट ने उन्हें मैन ऑफ द इयर बताया

नई दिल्ली/अम्मान। साल 2023 के लिए दुनिया के 500 प्रभावशाली मुस्लिम हस्तियों की लिस्ट जारी की गई है। इसमें 15वें स्थान पर भारतीय इस्लामिक और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी का नाम है। यही नहीं मदनी को मैन ऑफ द ईयर भी घोषित किया गया है।

यह लिस्ट इस्लामिक एनजीओ 'द रॉयल ऑल अल बैत इंस्टीट्यूट फॉर इस्लामिक थॉट' (RABIIT) ने जारी की है। जिसका मुख्यालय जॉर्डन की राजधानी अम्मान में है।

सऊदी अरब के किंग लिस्ट में टॉप पर
इस लिस्ट में सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल-अजीज अल-साऊद टॉप पर हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामेनेई दूसरे नंबर पर और कतर के शासक शेख तमीम बिन हमाद अल-थानी तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जाएद अल-नाह्यान आठवें नंबर पर और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान 10वें स्थान पर हैं। 

लिस्ट में तालिबान, हिजबुल्लाह आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को भी जगह
इस लिस्ट में तालिबान, हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों को भी जगह दी गई है। रैबिट ने लिस्ट जारी करते हुए लिखा कि अभी दुनिया में 1.94 अरब मुसलमान हैं। यह संख्या दुनिया की कुल आबादी की एक तिहाई है। इन 500 लोगों ने दुनियाभर के मुस्लिमों को प्रभावित किया है। ये हस्तियां इस्लामिक संस्कृति, विचारधारा, वित्त और राजनीति से जुड़ी हैं।

मौलाना महमूद मदनी लंबे समय से समाजसेवा के कामों में जुड़े हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत समाजवादी पार्टी से की थी। 2006 से 2012 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे। 2001 में गुजरात में आए भूकंप से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। वहीं, महमूद मदनी ने भूंकप से प्रभावित लोगों को उनकी जिंदगी दोबारा शुरू करने में मदद की।

मुस्लिमों के हक के लिए आवाज उठाते हैं मदनी
2002 में जातीय-धार्मिक हिंसा के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में राहत के लिए अभियान चलाया, जिससे उनका कद और बढ़ गया। वे 2001 से 2008 तक जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव चुने गए। उन्होंने देशभर में आतंकवाद विरोधी अभियान भी चलाया। साथ ही सीएए और एनआरसी और मुस्लिमों के हक के लिए आवाज उठाते रहे हैं। मदनी आतंकवाद के लिए जिहाद टर्म और इस्लामोफोबिया के खिलाफ भी मुखर रहे हैं।

भारत सरकार पर इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप
रैबिट ने जिन देशों में सर्वे के आधार पर लिस्ट तैयार की है, उनके बारे में लिखा भी गया है। इस रिपोर्ट में भारत की जमकर आलोचना की गई है। रैबिट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत सरकार देश में इस्लामोफोबिया को बढ़ावा दे रही है। हिन्दूवादी नेता भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने में लगे हैं। भारत के मुसलमान दक्षिणपंथी हिन्दुओं से नफरत झेल रहे हैं। सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की मोदी सरकार उनकी अलोचना करने वाले पत्रकारों को निशाना बना रही है। हिंदू समुदाय के लोग मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए लव जिहाद जैसे नकली मुद्दों को उठा रहे हैं। कई जगहों पर मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने से रोका गया। वहीं, राजधानी दिल्ली और त्रिपुरा जैसे राज्यों में दंगे हुए, जिनमें मुसलमानों को निशाना बनाया गया।

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