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0 देशभर से अनेक जैन संतो ने भेजी अपनी श्रद्धांजलि
0 जय आनंद मधुकर रतन भवन में हुई गुणानुवाद एवं श्रद्धांजलि सभा

दुर्ग । सामायिक स्वाध्याय के प्रेरक जैन संत श्री शीतल  मुनि एवं उप प्रवर्तक डॉक्टर सतीश मुनि के सानिध्य में श्रमण संघ के आस्था के केंद्र लोक मान्य संत श्री रतन मुनि जी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करने एवं उनका गुणानुवाद करने बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग जय आनंद मधुकर रतन भवन में अपने आराध्य गुरुदेव को श्रद्धांजलि देने उपस्थित थे।

शांत एवं सौम्य वातावरण में छत्तीसगढ़ प्रवर्तक श्री रतन मुनि जी महाराज के जीवन के गुणों का बखान करने एवं उनके साथ बिताए समय का स्मरण करने रविवार को श्रद्धांजलि सभा में बहुत से लोगों ने अपने विचार रखें और अपने गुरुवर के मार्ग में चलने का प्रण लिया।

सामायिक स्वाध्याय के प्रेरक श्री शीतलराज जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा ऐसे संत बहुत विरले होते हैं और हमारी पुण्य वाणी के चलते हमें सहज रूप से हमें प्राप्त हुए हैं इनकी संयम साधना के कारण पूरे भारतवर्ष में रतन मुनि को मानने वाले लोगों की संख्या बहुतायत में है। इनके दिए ज्ञान दर्शन और चरित्र से प्रेरणा लेकर हमें इनके मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।

उप प्रवर्तक डॉ सतीश मुनि ने कहा पिछले 50 वर्षों से मुझे गुरुदेव का सानिध्य मिला है उनके मार्गदर्शन में मैंने ज्ञान ध्यान सीखा है आज जो मेरा वह सब गुरुदेव का है।
इतने वर्षों का लंबा साथ गुरुदेव के रहते पता ही नहीं चला आज मुझ पर अपने संतो को संभालने की महती जिम्मेदारी आन पड़ी है इस जिम्मेदारी को संघ समाज को साथ में लेकर चलने की ताकत गुरुदेव मुझ में दे वीर प्रभु परमात्मा से ऐसी में मनोकामना करता हूं। देशभर में गुरुदेव के प्रति आस्था और विश्वास रखने वाले लोगों का लंबा से लाभ है सैलाब है मैं उसे आगे तक निभा सकूं इस हेतु आप सभी की शुभकामनाएं और आशीर्वाद चाहता हूं।
विद्या अभिलाषी संत आदित्य मुनि ने गुरुदेव के वचनों का बखान करते समय बार-बार उनकी आंखें नम होती रही और बड़ी मुश्किलों से उन्होंने अपने भाव रख सके। 

गुरुदेव से जुड़े कई संस्मरण लोगों ने सभा में सुनाएं जिनमें जसराज पारख, मदन जैन, प्रवीण श्री श्री माल, निर्मल बाफना ,अमित बाघमार, पदम छाजेड़, बसंत छत्तीसा बोहरा, प्रशांत वैद्य चंद्रपुर मूर्तिपूजक संघ से महेंद्र दुग्गड, साधुमार्गी संघ से प्रदीप बोथरा एवं श्रमण संघ महिला मंडल से सरिता श्रीश्रीमाल सपना संचेती, भारती श्रीश्रीमाल रश्मि बेगानी ने गीतों के माध्यम से भाव भक्ति के साथ अपनी श्रद्धांजलि युक्त श्रद्धा सुमन व्यक्त किए। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्रमण संघ के मंत्री टीकम छाजेड़ ने कई ऐसे संस्मरण का स्मरण किया जिससे उपस्थित जनसमूह भाव विभोर हो गए और लोगों के आंखों से आंसू छलकने लगे। 

देशभर से आए जैन संतों के श्रद्धांजलि संदेश
श्रमण संघ के आचार्य प्रवर ध्यान योगी डॉक्टर शिव मुनि जी युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी प्रवीण ऋषि जी कुंदन ऋषि जी खतरगक्ष आचार्य जिन मणि प्रभ सूरी , पीयूष सागर जी उत्तर भारत प्रवर्तक सुमन मुनि राष्ट्रसंत राम मुनि निर्भय डॉ राजेंद्र मुनि दिल्ली  राजस्थान प्रवर्तनी सु प्रभा जी डॉक्टर चंद्रप्रभा सहित अनेक संत साथियों का श्रद्धांजलि संदेश प्राप्त हुआ है।

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