
0 इसमें 1 हजार नक्सली छिप सकते हैं
0 अंदर सुरंग और शिवलिंग मिला
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्य की सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर नक्सलियों की गुफा मिली है। यह गुफा इतनी बड़ी और गहरी है कि, यहां आराम से एक हजार नक्सली छिप सकते हैं। असला-बारूद रख सकते हैं।
गुफा के अंदर पीछे की तरफ चट्टानों के बीच एक पतली सुरंग भी मिली है, जो सीधे पहाड़ी की दूसरी तरफ निकल रही है। यहां से बड़ी आसानी से कोई भी व्यक्ति एक तरफ से दूसरी तरफ आना-जाना कर सकता है। साथ ही पहाड़ी में चट्टानों से रिसकर पानी भी आ रहा है।
इसके अलावा गुफा में शिवलिंग भी मिला है। शिवलिंग पर सिंदूर-गुलाल लगा मिला है। अब यह दावा है कि, यहां ठहरे नक्सली शिवलिंग की पूजा-पाठ भी करते थे। क्योंकि, नक्सलियों के अलावा इस पहाड़ में किसी ग्रामीण का आना संभव नहीं है। फोर्स के आने से ठीक पहले नक्सली यहां से निकल गए हैं।
पहाड़ को घेर रही फोर्स
दरसअल, कर्रेगुट्टा, दुर्गमगुट्टा, पुजारी कांकेर की पहाड़ियों पर फोर्स का नक्सलियों के खिलाफ देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। इस नक्सल ऑपरेशन का आज छठवां दिन है। चौथे-पांचवें दिन पहाड़ पर जवानों ने नक्सलियों के ठिकाने (गुफा) को ढूंढ निकाला। वहीं, कुछ जवान शनिवार 26 अप्रैल को कैंप, बीजापुर लौट आए हैं।
भारी संख्या में फोर्स अब भी मौके पर ही मौजूद
जिसके बाद इसकी जानकारी मीडिया को मिली है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, भारी संख्या में फोर्स अब भी मौके पर ही मौजूद है। ऑपरेशन जारी है। डीआरजी, सीआरपीएफ, एसटीएफ, कोबरा, बस्तर फाइटर्स के जवान पहाड़ की घेराबंदी कर रहे हैं। बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. की माने तो नक्सलियों के खिलाफ यह निर्णायक लड़ाई है।
ब्लैक फॉरेस्ट के नाम से चर्चित है इलाका
कर्रेगुट्टा को स्थानीय निवासी ब्लैक फॉरेस्ट या फिर ब्लैक हिल्स भी कहते हैं। इसके 2 कारण हैं- पहला यहां शाम 4 बजे के बाद पूरा अंधेरा छा जाता है। यानी 5 फीट की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी ठीक से दिखाई नहीं देता है। दूसरा यह इलाका नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना है। इसलिए कोई भी ग्रामीण यहां तक नहीं पहुंचता है। इसलिए इसे ब्लैक हिल्स कहा जाता है।
पहाड़ के ऊपर 2 हजार से ज्यादा नक्सली
छ्त्तीसगढ़ और तेलंगाना में वो पूरा इलाका करीब 280 किमी के दायरे में फैला हुआ है। ऐसे में किस जगह नक्सली छिपे हैं, इसका पता लगाना संभव नहीं है। यहां हिड़मा, देवा, दामोदर, आजाद, पापाराव, अभय समेत नक्सलियों की बटालियन नंबर 1, 2 और कई कंपनी और प्लाटून भी सक्रिय है।
