
0 भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम से पहले सरकार का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। भविष्य में भारत पर होने वाला हर आतंकी हमला युद्ध का कारण (एक्ट ऑफ वॉर ) या युद्ध की शुरुआत माना जाएगा। सरकार के टॉप सोर्स के हवाले से न्यूज एजेंसी ने कहा है कि सरकार इसका जवाब भी उसी अंदाज में देगी। यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ चल रहे संघर्ष पर सीजफायर से पहले लिया गया।
इससे पहले शनिवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में पीएम आवास पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस और भारतीय सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। 24 घंटे में सेना प्रमुखों के साथ यह उनकी दूसरी मीटिंग थी।
एक्ट ऑफ वॉर कैसे निर्धारित करती है सरकार
भारत में एक्ट ऑफ वॉर कोई एक कानून नहीं है, बल्कि इस पर फैसला कई कानूनों (संविधान, भारतीय न्याय संहिता), रक्षा कानून, अंतरराष्ट्रीय समझौते के आधार पर किया जाता है। भारत सरकार ही तय करती है कि कौन सी कार्रवाई एक्ट ऑफ वॉर है। आम तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमले को एक्ट ऑफ वॉर माना जाता है।
एक्ट ऑफ वार क्या होता है
एक्ट ऑफ वार दो प्रकार के होते हैं। पहला जब कोई देश किसी दूसरे देश के खिलाफ सैनिक, ड्रोन, मिसाइल, हवाई हमला, साइबर अटैक या नौसेना से घेराबंदी करता है। दूसरा जब किसी देश की संप्रभुता या नागरिकों की सुरक्षा खतरे में होती है या जब किसी गतिविधि या कार्रवाई का मकसद युद्ध की शुरुआत या युद्ध को उकसाना होता है।