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चेन्नई। तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी पार्टी अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और उसके सहयोगी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले पीएमके ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की निंदा की।

तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि किसी सार्वजनिक आयोजन में राष्ट्रपति के लिए कोई भी शर्मिंदगी, बेइज्ज़ती या प्रक्रिया संबंधी चूक मंज़ूर नहीं है और यह बहुत अफसोस की बात है।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "किसी सार्वजनिक आयोजन में राष्ट्रपति से जुड़ी कोई भी बेइज्ज़ती, प्रक्रियात्मक चूक, या टाली जा सकने वाली शर्मिंदगी बहुत अफसोस की बात है और मंज़ूर नहीं है।"

श्री पलानीस्वामी ने कहा, "यह बहुत दुख की बात है कि हमारी माननीय राष्ट्रपति को ऐसी घटना पर सबके सामने दुख ज़ाहिर करना पड़ा। संवैधानिक पद सिर्फ़ औपचारिक निशानी नहीं हैं। वे हमारे गणतंत्र की गरिमा को दिखाते हैं। जिन्हें शासन की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है, उनकी यह ज़िम्मेदारी है कि प्रशासनिक व्यवहार हमेशा देश के सबसे बड़े पद के प्रति उचित सम्मान दिखाए।"

इस बीच, यहां एक बयान में डॉ. अंबुमणि ने कहा कि आरोप लगे हैं कि सुश्री ममता बनर्जी ने सुश्री मुर्मु के संथाल आदिवासी समुदाय के सम्मेलन में शामिल होने के दौरे के दौरान जानबूझकर दो अलग-अलग तरीकों से राष्ट्रपति का अपमान किया।

उन्होंने कहा कि यह निंदनीय है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मकसद से भारत के पहले नागरिक का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, जब भी राष्ट्रपति किसी राज्य का दौरा करती हैं, तो उस राज्य के मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को उनका स्वागतकरना चाहिए। बागडोगरा हवाई अड्डे पर राज्य सरकार की ओर से केवल सिलीगुड़ी के मेयर ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि यह कृत्य राष्ट्रपति के अपमान के इरादे से किया गया प्रतीत होता है और एक राज्य की मुख्यमंत्री होने के नाते सुश्री बनर्जी को ऐसा करने से बचना चाहिए।