0 कहा-वॉशरूम में पानी नहीं था, सड़क पर कूड़ा था
0 ममता सरकार ने प्रोग्राम वेन्यू बदला था
कोलकाता/नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने के मामले में केंद्र ने राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह सचिव ने रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था। प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए। उधर, पीएम मोदी और भाजपा ने इसे राष्ट्रपति का अपमान बताया है। मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
केंद्र ने गृहसचिव ने 4 मुद्दों पर जवाब मांगा
0 राष्ट्रपति को रिसीव करने और विदा करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक क्यों मौजूद नहीं थे?
0 राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था।
0 प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था।
0 दार्जिलिंग के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट इसके लिए जिम्मेदार हैं।
क्या है मामला
राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें।
राष्ट्रपति बोलीं- ममता मेरी छोटी बहन जैसीं
ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया। ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने।
पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा।