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0 कृषि मंत्री नेताम ने कहा- परियोजना बंद होने के पूरे मामले की जांच कराई जाएगी
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में शुक्रवार को प्रदेश में गौवंश संवर्धन के लिए केंद्र पोषित चिराग परियोजना के बंद होने पर भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा। इस मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने भी मंत्री नेताम को घेरने का प्रयास किया। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। 
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने राज्य में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की नीति और चिराग परियोजना को बंद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह पीएम मोदी की इच्छा से संचालित योजना है। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में उपलब्ध गौवंश पशुओं में 53 लाख मादाओं से प्रजनन की क्या योजना है।  इसके लिए कौन सा टीकाकरण अभियान किस माध्यम से चला। इसके जवाब में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम बताया कि राज्य में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है और पर्याप्त गर्भाधान केंद्र हैं। वर्तमान में 1585 केंद्रों के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की संख्या के आधार पर करीब 412 कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की आवश्यकता है। इस पर श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान की स्वीकृत अवधि 5 वर्ष 5 माह थी। पूर्ववर्ती सरकार में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया। क्या इस पूरे मामले पर परीक्षण कराया जाएगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी। 
इस बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने गांवों में बछिया के कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की सरकार की योजना के बारे में जानकारी मांगी। इस पर मंत्री श्री नेताम ने कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनडीडीबी के साथ समझौता किया गया है और चिलिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि चिराग परियोजना की राशि कब समर्पित की गई। इस पर मंत्री श्री नेताम ने कहा कि 26 मार्च 2025 को केंद्र के पत्र के आधार पर योजना की राशि समर्पित की गई थी। इस पर श्री बघेल ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में योजना बंद हुई है, लेकिन जिम्मेदारी पिछली सरकार पर डाली जा रही है। पिछले दो सालों में सरकार ने इस दिशा में क्या कदम उठाया है। इस पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि परियोजना बंद होने के पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।