0 अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई बार नोंकझोंक की स्थिति बनी
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में शुक्रवार को राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई बार नोंकझोंक की स्थिति बनी। चर्चा के दौरान भू-माफियाओं की गतिविधियों और जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों को लेकर सदस्यों ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि प्रदेश के लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में भू-माफिया सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं से संबंधित शिकायतों पर राजस्व विभाग द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। सेन ने कहा कि वे केवल भिलाई क्षेत्र में ही भू-माफियाओं से जुड़े लगभग 500 प्रकरण गिना सकते हैं, जिन पर कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं ताकि लोगों की शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सके।
वहीं कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि सरकार ने कानून बनाया था कि कृषि योग्य जमीन को दूसरे राज्यों के लोग नहीं खरीद सकते, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र खल्लारी में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लोगों द्वारा लगभग एक हजार एकड़ जमीन खरीदी जा चुकी है।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में इसी तरह की स्थिति बन रही है और किसानों की जमीन बाहरी लोगों द्वारा खरीदी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश के समय राजस्व प्रकरणों की सुनवाई के लिए नियमित शिविर लगाए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने राजस्व मामलों के समाधान के लिए फिर से शिविर शुरू करने की मांग की।