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नई दिल्ली। हंगामे के कारण लोक सभा की कार्यवाही शुक्रवार को निर्धारित समय से पहले ही स्थगित कर दी गयी। इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण देश में रसोई गैस की हो रही किल्लत को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही पहली बार पूर्वाह्न 11 बजे स्थगित की गयी। सदन के दोपहर 12 बजे समवेत होते ही विपक्षी सदस्य फिर हंगामा करने लगे जिस पर कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

अपराह्न दो बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने इसी मुद्दे पर फिर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 की अतिरिक्त अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद अतिरिक्त अनुदान मांगे पारित की गयीं और इससे जुड़ा विनियोग विधेयक 2026 भी पारित किया।

इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा, जिस पर पीठासीन कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू किया, विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर रसोई गैस की किल्लत को लेकर हंगामा करने लगे। श्री बिरला ने प्रश्न काल चलाने का प्रयास किया, लेकिन सदस्यों ने शोर शराबा तेज कर दिया।

श्री बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा, “ मैने पहले भी आग्रह किया था और आज फिर आग्रह कर रहा हूं कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। आज भी विपक्ष के आठ सदस्यों के प्रश्न सूचीबद्ध हैं। प्रश्नकाल में जहां देश के मुद्दे, क्षेत्र की समस्याएं उठायी जाती हैं, वहीं सरकार की जवाबदेही भी होती है, इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि सदस्यों को अपने प्रश्न रखने का मौका दें। यह संसदीय मर्यादा नहीं है। प्रश्नकाल के बाद आप जो मुद्दे उठाना चाहते हैं, उठा सकते हैं लेकिन प्रश्नकाल बाधित करना करना ठीक नहीं है। ”

हंगामा कर रहे सदस्यों को कड़ी चेतावनी देते हुए श्री बिरला ने कहा, “ सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो कार्रवाई होगी। संसद परिसर में हो या सदन में हो, संसद की पवित्रता, मर्यादा और प्रतिष्ठा बनाये रखने की जिम्मेदारी सबकी है और जिस तरीके का आचरण आप कर रहे हैं, वह ठीक नहीं है। ” हंगामा कर रहे सदस्यों से उन्होंने कहा कि क्या वे सदन नहीं चलाना चाहते हैं। सदस्यों ने जब उनकी बात नहीं मानी और हंगामा जारी रखा, तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन समवेत हुआ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य रसोई गैस की कमी का मामला उठाते हुए इस पर चर्चा कराने की मांग को लेकर शोरशराबा और नारेबाजी करने लगे। कई सदस्य सदन के बीचोंबीच आ गये।

पीठासीन संध्या राय ने हंगामे के बीच ही विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये।

इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज हुई बैठक में तय किया गया था कि अनुपूरक अनुदान मांगों पर वित्त मंत्री सीतारमण का जवाब होगा और उसके बाद निजी सदस्यों के विधेयक पर चर्चा होगी लेकिन कांग्रेस सदस्य हंगामा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्य संसद परिसर में भोजन लेकर आते हैं, गिलास और थाली लाते हैं। इस तरह के नाटक को जनता देख रही है।
श्री रिजिजू ने कहा, " वह दुखी मन से कह रहे हैं कि कांग्रेस के सदस्य अपने नेता के साथ-साथ खुद भी बिगड़ गये हैं। अभी समय है सुधर जाओ, जनता आपको सत्ता नहीं देने वाली।”

श्रीमती राय ने कहा कि अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद वित्त मंत्री का जवाब आना है। विपक्षी सदस्यों को कार्यवाही में लगातार बाधा डालते हुए जनता देख रही है। सदन की मर्यादा बनाये रखिए। यह आचरण उचित नहीं है। वह आग्रह कर रही हैं कि सदस्य अपने-अपने स्थानों पर जायें और कार्यवाही चलने दें। उनके आग्रह का हंगामा कर रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ, तो उन्होंने कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।