0 यूपी में बाराबंकी-बहराइच के बीच 7000 करोड़ से बनेगा 4-लेन हाईवे
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘भव्य’ योजना (भारत औद्योगिक विकास योजना) को मंजूरी दी है। 33,660 करोड़ रुपए लागत वाली इस योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रीयल पार्क विकसित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि योजना के तहत बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
2,585 करोड़ की स्मॉल हाइड्रो पावर स्कीम को मंजूरी
केंद्र सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,585 करोड़ रुपए की स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत 1,500 मेगावाट क्षमता की छोटी जल विद्युत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। यह योजना अगले पांच सालों में 2030-31 तक लागू की जाएगी। इसके तहत परियोजनाएं रन-ऑफ-द-रिवर मॉडल पर विकसित होंगी, जिससे बड़े बांध बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोगों के विस्थापन से बचा जा सकेगा।
सरकार के अनुसार देश में 7,133 स्थानों पर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की संभावना है, जिनकी कुल क्षमता करीब 21,000 मेगावाट है। फिलहाल 1,196 स्थानों पर 5,100 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 15,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कपास किसानों को राहत, सरकार खरीदेगी पूरी उपज
केंद्र सरकार ने कपास किसानों को राहत देने के लिए कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) को 1,718.56 करोड़ रुपए की फंडिंग मंजूर की है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने लिया। यह राशि कपास की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए दी जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। सीसीआई को कपास खरीद के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। जब बाजार में कीमत एमएसपी से नीचे जाती है, तब सीसीआई किसानों से फेयर एवरेज क्वालिटी (एफएक्यू) कपास बिना किसी मात्रा सीमा के खरीदती है। सरकार के अनुसार कपास देश की प्रमुख नकदी फसल है, जिससे करीब 60 लाख किसान जुड़े हैं। इसके अलावा प्रोसेसिंग, व्यापार और टेक्सटाइल सेक्टर में 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है।