0 उप मुख्यमंत्री शर्मा ने की विभागीय सचिव से जांच कराने की घोषणा
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पीएम ग्राम सड़क योजना में 140 करोड़ रुपए के नियम विरुद्ध भुगतान का मामला उठा। इस मामले में विपक्ष ने सीबीआई या विधानसभा की समिति से जांच की मांग की, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभागीय जांच कराने की घोषणा की।
विधायक जनक ध्रुव ने प्रश्नकाल में उठाया जीएसटी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी सुरक्षा निधि की भुगतान का मामला उठाते हुए सवाल किया कि किन किन ठेकेदारों को कितनी-कितनी राशि कब-कब दी गई? किन-किन मदों से भुगतान किया गया? किसकी अनुमति से किया गया? उन्होंने बताया कि मानसून सत्र में भी इसकी जानकारी चाही थी, लेकिन केवल गुमराह किया गया।
जवाब में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विगत सरकार में 228 करोड़ रुपए, जो जीएसटी का पैसा था, सिक्योरिटी डिपॉजिट कई विषयों को लेकर अनुरक्षण मद में जो राशि मिलती है, वह दो बातों के लिए मिलती है जिसमें मेंटेनेंस और नवीनीकरण दोनों किए जाते है। जो प्रश्न किया गए है वह इसी मद में मिला है। उन्होंने कहा कि लेकिन बजट में प्रावधान नहीं था, फिर भी 2023 में टेंडर लगाकर काम शुरू किया गया, जिसमें एसडी, पीजी, एजीएस, रॉयल्टी, जो 228 करोड़ था, का भुगतान कर दिया। यह बजट नहीं बल्कि ठेकेदारों का पैसा था, जिसे भुगतान कर दिया गया। फिर नई सरकार बनने के बाद हमने वित्त विभाग से आग्रह किया कि हमें ठेकेदारों के पैसे देने की अनुमति दें, अनुमति मिली भी और कुछ काम हुए भी।
इस पर विधायक श्री धुर्व ने कहा कि जब-जब मेरा प्रश्न लगता है, तब यही जवाब आता है। संबंधित अधिकारी गलत जानकारी देते हैं। पूर्व वर्ष की राशि को बजट में देने के लिए कोई प्रावधान रखा गया है? उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अनुरक्षण अनुदान मद है, जिसमें तीनों ही राशि दी जाती हैं, लेकिन अभी दोनों मद अलग कर दिए गए है। दोनों मद अलग-अलग हैं, अलग प्रावधान है, इसलिए हम इसकी अनुमति लेकर भुगतान करेंगे।
इस बीच कांग्रेस विधायक द्वारकाधीश यादव ने कहा कि वित्त विभाग ने जब राशि रिलीज की है, तब उल्लेख है कि दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? मामला गंभीर है। 200 करोड़ का मामला है। इसमें सीबीआई जांच की घोषणा कीजिए। इस पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद इसमें विभागीय जांच तो होगी और सजा भी होगी। विधायक ने इस पर कहा कि निष्पक्ष जांच हो। सीबीआई जांच का भरोसा दिला दीजिए। किस तरह से अधिकारी जांच करेंगे? इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष अधिकारी से जांच करवाएंगे। वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि क्या जांच का समय निर्धारण करेंगे? इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कि इसकी विभागीय जांच करवाकर प्रतिवेदन आने दीजिए, उसके बाद इस पर कार्यवाही करेंगे।