0 एनपीएस-ओपीएस योजना पर विधायक मोहले के सवाल पर वित्त मंत्री चौधरी ने दिया जवाब
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) और न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के संबंध में स्पष्ट किया कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त ओपीएस विकल्प वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्य पुन्नूलाल मोहले के प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन को बताया कि एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना का विकल्प का चयन प्रदेश के कुल 291797 अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया है। वर्ष 2004 के पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पश्चात नियुक्त ओपीएस विकल्प वाले सभी शासकीय सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है।
दरअसल, विधायक पुन्नूलाल मोहले ने सवाल किया था कि एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना के विकल्प का चयन प्रदेश के कुल कितने अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किया गया है? वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पक्षात् नियुक्त पुनः ओपीएस का विकल्प चयन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिये पेंशन योजना का संचालन व कार्यप्रणाली क्या है।
इसके जवाब में वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि एनपीएस और ओपीएस दो प्रकार की पेंशन योजना है। 2004 में छग शासन ने ओपीएस की जगह एनपीएस लागू किया था। पिछली बार 2022 में ओपीएस स्कीम को लाया गया था। 1 नवंबर 2004 तक के कर्मचारी ओपीएस में है, पेंशन व अन्य का काम महालेखाकार देखते हैं।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को एनपीएस व ओपीएस का विकल्प दिया था। इनमें दो लाख से अधिक कर्मचारियों ने ओपीएस का चुनाव किया है। इनका काम डायरेक्टोरेट हेंडल करता है। इस पर विधायक श्री मोहले ने पूछा कि भविष्य निधि की कटौती कितने कर्मचारियों की होती है जो एनपीएस में हैं। मंत्री ने बताया कि एनपीएस की कटौती कर्मचारी और नियोक्ता का हिस्सा होता है। कर्मचारी का 10 फीसदी व नियोक्ता की सहभागिता 14 प्रतिशत होता है। रेगुलेटरी में जमा होता है। जीपीएफ में 10 प्रतिशत कटौती होती है, जो रिटायरमेंट में मिलता है।
इस पर विधायक श्री मोहले ने पूछा कि एनपीएस की जगह ओपीएस का चुनाव करने वाले कर्मचारियों को कितना प्रतिशत ब्याज प्रति वर्ष देय है। इसके जवाब में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ब्याज रेट 7.1 प्रतिशत है, जो पीएफ पर ब्याज मिलता है। श्री मोहले ने फिर पूछा कि जिन अधिकारी कर्मचारी ने ओपीएस का विकल्प रखा है, कितनी राशि जमा है। भविष्य में राशि कैसे मिलेगी। इस पर मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि एनपीएस कर्मचारी और नियोक्ता की सहभागिता से 22 हजार करोड जमा है। ओपीएस वालों को लाभांश आता है।