तेहरान/नई दिल्ली। ईरान ने भारत और कुछ अन्य 'मित्र देशों' के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि तेहरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।
श्री अराघची ने कहा, "हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र राष्ट्रों काे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।" उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों' के लिए बंद है।
होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने इसे बंद कर दिया था।
श्री अराघची ने कहा, "हमारे दृष्टिकोण से, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद नहीं है। यह केवल दुश्मनों के लिए बंद है। अपने दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है।" इससे पहले, ऊर्जा आपूर्ति में वैश्विक व्यवधानों और ईंधन की आसमान छूती कीमतों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस जलमार्ग को फिर से खोलने का आह्वान किया था।
गौरतलब है कि ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 15-सूत्रीय शांति योजना का उपहास करते हुए उसे खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल 'खुद से बातचीत कर रहे हैं' और ईरान के साथ शांति वार्ता के बारे में श्री ट्रम्प के बयानों को 'फर्जी' बताया।