0 ट्रम्प की धमकी- इसके पास आए ईरानी जहाज तबाह करेंगे
0 ईरान बोला- भारत से कोई टोल नहीं लिया
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई है। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ।
ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल होगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं, यानी तेजी और सख्ती से।
इस फैसले के तहत जो भी जहाज होर्मुज से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोककर जांच की जाएगी। खास तौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। ट्रम्प ने कल कहा था कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इससे ईरान की आर्थिक ताकत कम की जाएगी।
वहीं, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से अब तक कोई टोल नहीं लिया गया है। ईरान यहां से भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुजरने में मदद करेगा।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। समुद्री जहाजों पर नजर रखनी वाली वेबसाइट मरीन ट्रैफिक ने होर्मुज स्ट्रेट का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वो इलाका पूरी तरह खाली नजर आ रहा है। इस इलाके में अमेरिका की नाकाबंदी आज से शुरू हो गई है।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- अमेरिका दबाव बनाना छोड़े, तभी समझौता संभव
ईरानी राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने कहा कि अगर अमेरिकी सरकार अपनी दबाव और हठधर्मिता वाली नीति छोड़ दे और ईरान की जनता के अधिकारों का सम्मान करे, तो निश्चित रूप से समझौते तक पहुंचने के रास्ते निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका से सीजफायर वार्ता करने वाली टीम के सभी सदस्यों, खासकर ईरान की संसद के स्पीकर डॉ. कालिबाफ को बधाई देता हूं।
ट्रम्प की धमकी- नाकाबंदी के पास आए ईरानी जहाज तबाह कर देंगे
ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं यानी बहुत तेजी और सख्ती से। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई जहाज तबाह हो चुके हैं। ईरान के 158 जहाज तबाह हो चुके हैं और अब उसकी नौसेना समुद्र के नीचे पड़ी है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी बताया कि कुछ छोटे फास्ट अटैक शिप्स को निशाना नहीं बनाया गया, क्योंकि उनसे ज्यादा खतरा नहीं था।