0 छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र
0 नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का अशासकीय संकल्प अग्राह्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने चर्चा के लिए 4 घण्टे का समय निर्धारित किया।
मुख्यमंत्री साय के प्रस्ताव के बाद नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत अशासकीय संकल्प प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इस पर डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो निंदा प्रस्ताव लाने वाले थे, लेकिन यह शासकीय संकल्प प्रस्ताव तो निंदा पर नहीं है। इसके साथ ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन के बाहर और अंदर सत्ता पक्ष की ओर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
सत्ता पक्ष से डिप्टी सीएम साव ने तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में 500 रुपए देने का वादा किया था, आज किस मुंह से ये महिला के अधिकारों की बात कर रहे हैं। इस दौरान महिलाओं की संख्या को लेकर भी सदन में बहस हुई। विपक्ष ने कहा कांग्रेस ने महिलाओं को सबसे ज्यादा अवसर दिया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा से 54 में 8, कांग्रेस से 35 में 11 महिला विधायक है।
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण पर रुकावट बनने का काम विपक्ष ने किया। महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में गिराने का काम विपक्ष ने किया। महिलाओं की भावनाओं और सम्मान का ख्याल नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम नहीं, बल्कि बढ़ा है। वर्ष 1952 में मात्र 22 महिला सांसद थीं, जबकि वर्तमान में यह संख्या 74 है। पूर्व मंत्री सुश्री उसेंडी ने कहा कि वर्ष 1971 में स्व. इंदिरा गांधी द्वारा परिसीमन फ्रीज किए जाने के कारण लोकसभा सीटों में वृद्धि नहीं हुई, जिससे महिलाओं के प्रतिनिधित्व में वृद्धि को लेकर राजनीतिक दिक्कतें बनी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने मदर टेरेसा के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि कल के लिए आज काम करना जरूरी है। भाजपा इसी दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पांच दशकों तक महिलाओं की उपेक्षा की गई। पंचायत स्तर पर आरक्षण की बात की जाती है, लेकिन लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं में इसे भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सदन में सात बार महिला आरक्षण बिल पेश करने के प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि शौचालय निर्माण के माध्यम से महिलाओं को सालों की शर्म से मुक्ति दिलाई गई। इसके साथ ही नल-जल योजना और नारी सशक्तीकरण के लिए जनधन योजना लाई गई। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर राशन कार्ड बनाए गए। अब जब महिलाओं को आरक्षण देने के लिए विधेयक लाया गया, तब कांग्रेस ने विरोध किया। इस दौरान उन्होंने रामायण व तुलसीदास के कथनों का उल्लेखकर महिला सशक्तीकरण के पौराणिक कथाओं का उल्लेख किया। अंत में उन्होंने शासकीय संकल्प का समर्थन किया।
महिला आरक्षण बिल सिर्फ चुनावी झुनझुना हैः अनिला भेड़िया
कांग्रेस का पक्ष रखते हुए अनिला भेड़िया ने कहा कि महिला आरक्षण का कांग्रेस समर्थन करती है। वतर्मान सीटों पर ही तुरंत आरक्षण क्यों नहीं देते। महिला आरक्षण बिल सिर्फ चुनावी झुनझुना है। 2023 में यह बिल पारित है। कांग्रेस 33 फीसदी आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन वर्तमान सीटों पर ही तुरंत लागू किया जाना चाहिए। भाजपा की हिम्मत 543 सीटों पर 33% आरक्षण देने की नहीं है। महिलाएं इसका बदला भाजपा से जरूर लेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं के मुद्दे पर राजनीतिक इस्तेमाल की कोशिश की जा रही है। महिलाएं इसका बदला जरूर लेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के बीच में ही सत्र बुलाने की जरूरत क्यों पड़ गई। महिला सुरक्षा पर सरकार बात करती है, आज कौन सी महिला देश में सुरक्षित है यह बताएं? देश में संस्कृति हमेशा नारी सम्मान की बात करती है।
पीएम मोदी ने नारी शक्ति का मान बढ़ाया हैः भावना बोहरा
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भावना बोहरा ने महिला आरक्षण के लिए शासकीय संकल्प का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एक ओर हम सबके लिए गर्व से भर जाते हैं। गर्व इसलिए कि पीएम मोदी ने नारी शक्ति का मान बढ़ाया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम कोई विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं को अधिकार दिलाने का बिल था। शास्त्रों में भी कहा गया है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। जहां नारी का सम्मान नहीं होता, वहां कोई भी काम या योजना सफल नहीं होते। वैदिक काल में गार्गी, मैत्रीय जैसी नारियों का उल्लेख है। आधुनिक काल में अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई, चेन्नमा जैसी साहसी महिलाएं रही हैं।
महिलाएं समझदार है, बहकाइये मतः संगीता सिन्हा
कांग्रेस विधायक संगिता सिन्हा ने कहा कि जब पूरे देश में चुनाव आने वाला है, तो मोदी जी अचानक से घोषणा करते हैं कि 33% आरक्षण लाया जाएगा। महिलाएं समझदार है, आप बहकाने का प्रयास मत कीजिए। आप सबसे पहले जनगणना करवाइये, इसके बाद महिला आरक्षण बिल लागू करिए। चुनाव हारने का डर था, इसलिए ये बिल लाए हैं।
हमारी सरकार ने महिलाओं को संस्थाओं में 50 फ़ीसदी आरक्षण दियाः चंद्राकर
महिला आरक्षण पर चर्चा में विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि अहम संकल्प पर चर्चा हो रही, अपने तरीके से अपना पक्ष रखा। महिला की स्थिति पर कांग्रेस ने कभी नहीं चर्चा नहीं की। अंबेडकर के साथ कैसा व्यवहार कांग्रेस ने किया, सब जानते हैं, देश का ऐसा दूसरा राज्य है छत्तीसगढ़ जहां हमारी सरकार ने आरक्षण दिया, जहां महिलाओं को संस्थाओं में 50 फ़ीसदी आरक्षण दिया।
बिल को ध्वस्त करने का काम कांग्रेस ने कियाः किरण देव
महिला आरक्षण पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि आजादी के बाद से 5 दशक तक देश में कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान महिलाओं के लिए काम क्यों नहीं किया? बीजेपी ने संसद में बिल लाया तब समर्थन क्यों नहीं दिया। संसद में बिल को ध्वस्त करने का काम कांग्रेस ने किया। कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहता है।
बीजेपी महिलाओं की विरोधी हैः रामकुमार यादव
कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं का सम्मान किया है। लोकतंत्र में कांग्रेस ने देश की महिलाओं को पहली पंक्ति में रखा। कांग्रेस ने पहली महिला प्रधानमंत्री बनाने का काम किया। बीजेपी की मेन शाखा आरएसएस है, जहां महिलाएं ही वर्जित है। बीजेपी महिलाओं की विरोधी है। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आगे करने का काम किया है। कांग्रेस ने कभी दिखावा करने का काम नहीं किया। यह कलयुग है, कहीं मोदी का युग दिखावे में ना चले जाए यह आगाह करता हूं।
सभापति तालिका में 2 महिला विधायकों के नाम शामिल
इस विशेष सत्र के दौरान महिलाओं के सम्मान में विधानसभा में एक फैसला लिया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 2 महिला विधायकों को सभापति तालिका में शामिल किया गया है। पक्ष की ओर से लता उसेंडी और विपक्ष की ओर से अनिला भेड़िया सभापति तालिका में शामिल किया गया। नियम 9 एक को शिथिल करते नाम निर्देशित किया गया।
