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0 एनटीए ने एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया था
0 सीबीआई पेपर खरीदने वालों की लिस्ट बना रही
नई दिल्ली/जयपुर/मुंबई/बेंगलुरु/पटना। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को 11वां आरोपी गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है। वे पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में टीचर हैं।
मनीषा नीट परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं। एनटीए ने उन्हें एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। मनीषा की फिजिक्स के क्वेश्चन पेपर तक पहुंच थी। अप्रैल 2026 में उन्होंने फिजिक्स से संबंधित कुछ सवाल अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ शेयर किए थे। मनीषा को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था। अब तक, इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहल्यानगर से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीबीआई जांच में खुलासा- नीट का पेपर 5 राज्यों में बिका
सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि नीट का पेपर 5 राज्यों में बिका था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई और दूसरा नंबर राजस्थान का है। एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल गैजेट्स खंगालने के बाद यह जानकारी सामने आई है। सीबीआई का कहना है कि आगे और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक का मामला और बड़ा निकल सकता है। इसी कारण एजेंसी अभी यह तय नहीं कर पा रही कि कितने छात्रों ने पेपर खरीदा था। जांच में सामने आया है कि कुछ परिजन ने पेपर को आगे दूसरे लोगों तक बेच दिया था। सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। इसी वजह से अभी यह पता लगाना मुश्किल है कि पेपर कितने लोगों तक पहुंचा। जांच में अब तक सामने आया है कि पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र था। यहीं से राजस्थान और दूसरे राज्यों के छात्रों तक ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा।

सीबीआई पैसे देने वालों की लिस्ट बना रही
अब सिर्फ पेपर लीक करने वाले बिचौलिए और मास्टरमाइंड ही नहीं, बल्कि भारी रकम देकर पेपर खरीदने वाले रसूखदार माता-पिता भी केंद्रीय जांच एजेंसियों के सीधे निशाने पर हैं। जांच एजेंसी अब उन सभी पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे (पुणे) के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। एजेंसी ने पेपर लीक करने और इसे बेचने वाले ज्यादातर बड़े चेहरों को बेनकाब कर दिया है, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अलावा बाहर के कुछ किरदार अभी भी शक के दायरे में हैं। इनके खिलाफ सबूत जुटाने में एजेंसी की दो टीमें लगी हैं। वहीं, तीन टीमें इनसे आगे की कड़ी यानी पेपर खरीदने वाले परिजन और छात्रों की धरपकड़ करने की तैयारी कर रही हैं। 20 मई रात को महाराष्ट्र से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है और सीबीआई जल्द ही दूसरे राज्यों में छापेमारी करेगी