0 विवादित ऑन स्क्रीन मार्किंग के टेंडर की जांच के आदेश
0 री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर हुआ साइबर अटैक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) में विवाद के बीच सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा ओएसएम सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
इस बीच ओएसएम प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
उधर, री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। सीबीएसई के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को सीबीएसई ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (ओएसएम सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
स्टूडेंट सार्थक ने संसदीय समिति को बताया- ओएसएम् में 15 खामियां
12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने ओएसएम् प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी। सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत ने कहा- मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से कोएम्प्ट (सीओईएमपीटी) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि सार्थक ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और सीबीएसई के जवाबों पर विचार करेगी।