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0 10,000 करोड़ के एविएशन टर्बाइन फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी गई
0 ओडिशा, तेलंगाना, बिहार एवं मप्र में 24200 करोड़ हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
0 पीएम मोदी की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी है, जिसमें 9,585 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा बैठक में एयरलाइंस कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी गई। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ओडिशा, तेलंगाना, बिहार एवं मध्यप्रदेश में 24200 करोड़ के हाइवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। 

बैठक के बाद केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पुराने ट्रक और बसों को बीएस-6 या उससे अधिक उत्सर्जन मानकों वाले तथा इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 5,041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से दिए जाएंगे जबकि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारें कर रियायतों के रूप में लगभग 1,601 करोड़ रुपये का योगदान देंगी। योजना का वित्तपोषण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। ऑटोमैटिक रिसर्च एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (एआरएआई) और द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) की रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र में पीएम 2.5 प्रदूषण का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन का 63 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है। विशेष रूप से ट्रक और बसें कुल वाहन बेड़े का केवल तीन प्रतिशत होने के बावजूद पीएम 2.5 उत्सर्जन में 36 प्रतिशत योगदान देती हैं। योजना से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लगभग 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें करीब 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें शामिल हैं।
योजना की निगरानी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक सशक्त समिति करेगी, जबकि जिला स्तर पर जिलाधिकारी और जिला कलेक्टर इसके क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।  

एटीएफ की कीमतों पर 75.60 प्रति लीटर कैप लगाया
मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी। यह फंड एटीएफ की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करेगा। इस फंड का इस्तेमाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के हवाई ऑपरेशन्स के लिए किया जाएगा। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 75.60 प्रति लीटर पर फिक्स (कैप) कर दी हैं। एटीएफ की बढ़ती कीमतों को स्थिर करने के लिए यह फैसले लिए गए हैं।  

केंद्रीय कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए देश में 24,200 करोड़ के हाइवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ओडिशा और तेलंगाना के खाते में गया है।
0 कोस्टल हाइवे: ओड़िशा के रामेश्वर-कोणार्क -पारादीप को जोड़ने के लिए 8300.79 करोड़ की लागत से कोस्टल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 160.18 किलोमीटर है। रामेश्वर से पारादीप तक नए तटीय राजमार्ग का परियोजना खंड ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरता है। विद्यमान एनएच-16 सड़क नेटवर्क स्वर्णिम चतुर्भुज का हिस्सा है और पहले से ही 6 लेन का राजमार्ग है जो खुर्दा, भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है।

0 तेलंगानाः केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-63 के मौजूदा आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड को हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (एचएम) के तहत और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (टोल) [बीओटी (टोल)] के तहत तीन वर्क पैकेजों के अंतर्गत चार लेन मानक तक चौड़ा करने की मंजूरी दी है। इन खंडों की कुल लंबाई 190.76 किलोमीटर और कुल पूंजीगत लागत 7597.16 करोड़ रुपए है।

0 मध्यप्रदेशः मध्यप्रदेश के विकास के लिए नेशनल हाइवे-347बी के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। कुल लंबाई 233.653 किलोमीटर है और इस पर 4,415.60 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

0 बिहारः नेशनल हाइवे-31 और 231 के खगड़िया-पूर्णिया रूट को अब फोर-लेन बनाया जाएगा। 143.529 किमी नेशनल हाइवे को 3936.05 करोड़ की लागत से 4-लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है।