0 जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री बने
0 सिद्धारमैया के बेटे समेत 12 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली
बेंगलुरु। डीके शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के लोक भवन में कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान वे हाथ में संविधान रखे हुए थे। उन्हें 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। जी. परमेश्वर ने नए डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद की शपथ ली।
इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नये शपथ लेने वाले मंत्रियों में जी. परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायर गौड़ा, प्रियांक खरगे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्दारमैया, बैरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।
डीके शिवकुमार ने यहां स्थित लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसी के साथ ही श्री शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले आठवें मुख्यमंत्री भी बन गए हैं।उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं, धार्मिक गुरुओं और जानी-मानी हस्तियों की विशाल मौजूदगी के बीच पदभार ग्रहण किया।
इस कार्यक्रम के साथ ही नयी मंत्रिपरिषद को कार्यकारी जिम्मेदारियों का औपचारिक हस्तांतरण हो गया। इस समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के पार्टी प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया मौजूद थे। इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया, जिससे इस अवसर का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया। समारोह में धार्मिक गुरु, फिल्म जगत की हस्तियां, खिलाड़ी और उद्योगपति भी मौजूद थे। चालीस से अधिक धर्मगुरु समारोह में उपस्थित थे। इसके अलावा अभिनेता रविचंद्रन, अभिनेत्री जयमाला, अभिनेता किच्चा सुदीप, अभिनेत्री रम्या, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद और उद्योगपति अनिल कुंबले जैसी जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद थीं।
श्री शिवकुमार के परिवार के सदस्य भी इस समारोह में उपस्थित थे, जिनमें उनकी मां गौरम्मा, पत्नी उषा और उनके बच्चे शामिल थे। परंपरा से हटकर शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम दिशा के बजाय पूर्व दिशा की ओर मुख करके आयोजित किया गया। यह निर्णय आध्यात्मिक और ज्योतिषीय सलाहकारों की सलाह पर लिया गया था। लोक भवन परिसर में स्थित 'ग्लास हाउस' में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जहां निर्धारित स्थानों पर लगभग 3,500 मेहमानों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। धर्मगुरुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी, जबकि समारोह की कार्रवाई को सभी तक पहुंचाने के लिए छह एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। इस कार्यक्रम के लिए 2,000 से अधिक वीआईपी पास जारी किए गए थे।
बता दें कि सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त किया गया।