0 शनिवार को दोनों पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में भिड़ेंगी
0 माया क्वालिफाइंग खेलकर यहां तक पहुंचीं
पेरिस। पोलैंड की माया ख्वालिंस्का और रूस की मीरा एंड्रीवा फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंच गई हैं। शनिवार को दोनों के बीच खिताबी मुकाबला होगा। महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में माया ख्वालिंस्का ने 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर को 7-6 (4), 6-4 से हराया। इस जीत के साथ 24 साल की माया फ्रेंच ओपन के इतिहास में फाइनल तक पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर बन गई हैं।
उन्होंने क्वालिफाइंग राउंड से मुख्य ड्रॉ तक लगातार 9 मैच जीते हैं और पूरे अभियान में सिर्फ एक सेट गंवाया है। दूसरे सेमीफाइनल में मीरा एंड्रीवा ने मार्ता कोस्ट्युक को 6-1, 6-3 से हराया। एंड्रीवा के करियर का यह पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। मैच जीतने के बाद माया कोर्ट पर बैठ गईं और अपनी कुर्सी पर जाकर तौलिए में मुंह छिपाकर रोने लगीं। ग्रैंड स्लैम इतिहास में वे फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी क्वालिफायर हैं। उनसे पहले 2021 में एमा रादुकानु ने यूएस ओपन में क्वालिफायर के तौर पर फाइनल में पहुंचकर खिताब जीता था।
माया बोलीं- यह एक सपने जैसा, किसी ने उम्मीद नहीं की थी
ऐतिहासिक जीत के बाद जब माया ख्वालिंस्का से उनकी फीलिंग्स के बारे में पूछा गया, तो वे कुछ देर शून्य में देखती रहीं। उन्होंने कहा कि यह ईमानदारी से एक सपने जैसा है। मुझे नहीं पता कि क्या हो रहा है और मैं क्या कहूं। कोई यह दिखावा न करे कि उसे इसकी उम्मीद थी। मैं टॉप-100 रैंकिंग से भी बाहर थी और अब ग्रैंड स्लैम के फाइनल में हूं। मेरे लिए इसे समझना और स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है।'