0 वेटलिफ्टिंग में 190 किग्रा उठाया; ऋषिकांत ने मेंस में सिल्वर जीता
0 भारत एक गोल्ड, एक रजत व एक कांस्य के साथ मेडल तालिका में सातवें स्थान पर
ग्लास्गो। मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है। उन्होंने विमेंस 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग कॉम्पटीशन में 190 किग्रा (85 किग्रा स्नैच+ 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाते हुए मेडल अपने नाम किया।
भारत के अब 3 मेडल (1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज) हो गए हैं। इससे पहले रविवार को ऋषिकांत सिंह ने मेंस 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर और शुक्रवार को झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। भारत अब मेडल टैली सातवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड सहित 24 मेडल के साथ टॉप पर बना हुआ है।
ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स
यह ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। ग्लासगो में वह पहली बार 60 किग्रा वर्ग में उतरे। तब उन्हें मेडल नहीं मिला था। वे मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के चैंपियन भी हैं।
2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से शुरुआत की थी
मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सेक्रेटरी और ऋषिकांत सिंह के शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह ने बताया कि ऋषिकांत ने 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के सेंटर में हुआ। बाद में वे भारतीय नौसेना से जुड़े और वहां ट्रेनिंग लेने के बाद भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सेट-अप का हिस्सा बने। ब्रोजेंद्रो सिंह ने बताया कि ऋषिकांत के परिवार में दो भाई हैं। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में हैं। ऋषिकांत मणिपुर के इंफाल वेस्ट के रहने वाले हैं।