0 एनडीए का समर्थन करेंगे, स्पीकर को जानकारी दी
0 मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी टीएमसी सांसदों से मिलने पहुंचे
कोलकाता/नई दिल्ली। विधायकों के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी ममता का साथ छोड़ दिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।
सांसद और टीएमसी की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने भी सोमवार को यही दावा किया। उन्होंने बताया कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने की जानकारी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दे दी है। पत्र में टीएमसी के बागी सांसदों से अलग बैठने की भी बात कही गई है।
टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के घर बागी सांसदों की बैठक हुई। पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी उनके घर सांसदों से मिलने पहुंचे हैं।
इससे पहले इनमें से 11 सांसदों ने सोमवार दोपहर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की। इस दौरान बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे थे।
बता दें कि लोकसभा में टीएमसी के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है।
टीएमसी सांसदों की एक बैठक देर रात भी हुई, फोटो खींचने पर बहस
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, टीएमसी के 20 सांसदों की रविवार देर रात दिल्ली के एक अज्ञात स्थान पर अनौपचारिक बैठक भी हुई। इसमें सांसदों ने मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया। सोमवार को इस बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। कई टीएमसी सांसद एक मेज के आसपास बैठे दिखाई दे रहे हैं। उस समय एक सांसद के फोटो खींचने पर विवाद भी हुआ। इसमें सुखेंदु शेखर रे भी बैठे दिखाई दे रहे हैं।
काकोली घोष ने कहा- मैं ही चीफ व्हिप रहूंगी
काकोली घोष ने दावा किया कि वह अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला साथी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने एनडीए के साथ जाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि यही जनता के जनादेश के अनुरूप है। काकोली ने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया था। प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे लेटर में काकोली ने लिखा था कि मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद यह फैसला लिया है।
सुखेंदु शेखर का दावा- टीएमसी के लोग ममता से नाराज
टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने आज सुबह ही राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी। त्यागपत्र में उन्होंने ममता के 15 साल के अराजक शासन को पार्टी की हार का नतीजा बताया और भाजपा की तारीफ की थी। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने सुखेंदु शेखर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सुखेंदु ने इस्तीफे के बाद मीडिया से कहा था कि पार्टी के कई लोग ममता मनमाने ढंग से पार्टी चला रही थीं, इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल 2029 तक था। अब सीट खाली हो चुकी है, अब इस पर उपचुनाव कराया जा सकता है।
बागी विधायक ऋतब्रत बोले- सुखेंदु की बात काफी हद तक सही
सुखेंदु शेखर के इस्तीफे पर बंगाल में टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ सुखेंदु की निजी बात नहीं है। मैंने सुखेंदु से सीधे बात नहीं की है, लेकिन टीवी पर उनके बयान देखे और सुने हैं। मैं उनकी बातों से सहमत हूं। राज्यसभा के कामकाज को लेकर सुखेंदु की बात काफी हद तक सही है। संसद कोई क्विज खेलने की जगह नहीं है।
उधर, टीएमसी ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) बनाए जाने के विधानसभा स्पीकर के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने तारीख तय नहीं की है।