0 छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख शौर्य चक्र से सम्मानित
0 राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सम्मानित किया
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। एलओसी पर 3 आतंकियों को मार गिराने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट व रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
इसके अलवा अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सैन्य अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले में हिस्सा लिया था। इस अभियान में दिखाई गई बहादुरी के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। मनीष अरोड़ा इससे पहले शौर्य चक्र भी प्राप्त कर चुके हैं।
मेजर आशीष कुमार
7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनकी अगुआई में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया और अभियान पूरा किया।
इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख
छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व किया था। नक्सलियों के हमले के बीच उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा चली मुठभेड़ में मोर्चा संभाला, घायल जवानों को सुरक्षित निकाला और अभियान को सफल बनाया।
लांस दफादार बलदेव चंद की मां-पत्नी ने सम्मान लिया
4 राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह में यह वीरता पुरस्कार उनकी पत्नी और मां को प्रदान किया।