0 19 सांसदों ने 18 मई को स्पीकर को लेटर भेजा था
0 रविवार को सुवेंदु अधिकारी के साथ दिल्ली में मीटिंग
कोलकाता/नई दिल्ली। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में फूट अब तय है। विधानसभा के 80 में से 58 विधायकों के बगावत के बाद लोकसभा के बागी 19 सांसदों का लेटर शुक्रवार को सामने आया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक इसे 18 मई को लोकसभा स्पीकर को भेजा गया था और अलग गुट बनाने की मांग की गई है।
इससे साफ है कि ममता की हार के 14 दिन बाद ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई थी। इस चिठ्ठी में यूसुफ पठान, सायोनी घोष, काकोली घोष और शताब्दी रॉय जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एक नाम सामने नहीं आया है।
इससे पहले 3 जून को टीएमसी के58 विधायकों ने बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनके गुट को मान्यता देने की मांग की थी, जिसे अध्यक्ष ने मंजूर भी कर लिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, टीएमसी के बागी गुट के नेता रविवार को दिल्ली में सीएम सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में मीटिंग करेंगे। वे सोमवार को स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे।
19 बागी लोकसभा सांसदों के नाम
19 बागी लोकसभा सांसदों के नाम काकोली घोष (बारासात ), दीपक अधिकारी ( दस्तीदार घाटाल), जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार), कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम), खलीलुर रहमान (जांगीपुर), जून मालिया (मेदिनीपुर), यूसुफ पठान (बहरामपुर), अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा), अबू ताहेर खान (मुर्शिदाबाद), डॉ. शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), पार्थ भौमिक (बैरकपुर), प्रसून बंधोपाध्याय ( हावड़ा), बापी हलदार (मथुरापुर), असित कुमार माल (बोलपुर),
सायोनी घोष (जादवपुर), शताब्दी रॉय (बीरभूम), माला रॉय (कोलकाता दक्षिण), रचना बनर्जी (हुगली) व मिताली बाग (आरामबाग) हैं।
ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 17 सांसद बचे
टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।