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0 अमेरिकी राष्ट्रपति से 16 महीने बाद कल मिलेंगे, ट्रेड डील पर बात संभव

एवियन/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को स्लोवाकिया से फ्रांस के शहर एवियन पहुंच गये। वह कुछ देर के लिए स्विटजरलैंड भी रूके और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के साथ मुलाकात की। 
मुलाकात के बाद वह एवियन के लिए रवाना हो गये। एवियन पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि वह महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हैं।

श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि जी 7 समिट के लिए फ्रांस के एवियन पहुँचा। दुनिया के नेताओं से बातचीत करने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का बेसब्री से इंतज़ार है। भारत एक ज़्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। अगर यह बैठक होती है तो दोनों नेता करीब 16 महीने बाद आमने-सामने होंगे। इससे पहले दोनों की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी।

मोदी और ट्रम्प के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील, टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी बातचीत होने की संभावना है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को 52वें G7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी समेत कई वैश्विक नेता शामिल हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत जी 7 शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता का भी कार्यक्रम है। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिलने की संभावना है। 

जी7 समिट में 12 देशों के नेता हिस्ला ले रहे
जी7 समिट में इसके सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग लेंगे। फ्रांस ने समिट में जी7 देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग व केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं। 

भारत जी7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल होंगे
जी7 (पहले जी8, रूस के बाहर होने के बाद जी7 हुआ) दुनिया के प्रमुख विकसित देशों का समूह है। भारत जी7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार जी7 समिट में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित जी7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित जी7 समिट में शामिल हुए।

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