0 अप्रैल में रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था
नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। जून 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी जून 2025 से 14% ज्यादा है। जून 2025 में 1.71 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था।
इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी
जून महीने में जीएसटी कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 6.5% की तेजी आई और यह 1.34 लाख करोड़ रुपए रही। नेट बेसिस पर इंपोर्ट जीएसटी कलेक्शन 42.2% बढ़कर 45,370 करोड़ रुपए रहा। वहीं नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 2.6% बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपए रह गया।
इकोनॉमी की सेहत दिखाता है जीएसटी कलेक्शन
जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं।
जीएसटी रिफंड क्या है
जब कोई कंपनी अपनी देनदारी से ज्यादा टैक्स चुका देती है या एक्सपोर्ट करती है, तो सरकार उसे टैक्स वापस करती है, जिसे रिफंड कहते हैं।
वहीं ग्रॉस कुल इकट्ठा किया गया पैसा होता है, जबकि रिफंड घटाने के बाद बची राशि नेट रेवेन्यू कहलाती है।
2017 में लागू हुआ था जीएसटी
सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में जीएसटी लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था।
जीएसटी को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है
0 जीएसटी (केंद्रीय जीएसटी): केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है।
0 एसजीएसटी (राज्य जीएसटी): राज्य सरकारों द्वारा एकत्र किया जाता है।
0 आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी): अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात पर लागू, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभाजित।
0 उपकर (सेस): स्पेसिफिक पर्पज के लिए फंड जुटाने के लिए स्पेसिफिक गुड्स (जैसे, लग्जरी आइटम्स, तंबाकू) पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क।