नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले शिव भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, नियमों का पालन करने और यात्रा के समापन के बाद परिजनों को पौधा भेंट करने जैसे संकल्प लेने को कहा है।
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा शुरू होने के पहले दिन एक संदेश में कहा कि इसमें सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
श्री मोदी ने कहा बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने यात्रा के कुशल संचालन के लिए भारतीय सेना, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल , जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारत तिब्बत सीमा पुलिस , सीमा सुरक्षा बल , राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा भक्तों की सेवा में जुटे हर साथी का हृदय से अभिनंदन भी किया।
श्री मोदी कहा कि इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है। उन्होंने अमरनाथ यात्रियों से यात्रा के दौरान पांच संकल्प लेने का आग्रह किया।
पहला संकल्पः पीएम मोदी ने कहा कि पहला संकल्प हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
दूसरा संकल्पः हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।
तीसरा संकल्पः हम 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से यात्रा के खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।
चौथा संकल्पः हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं।
पांचवां संकल्पः हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
प्रधानमंत्री ने कामना की ," बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।"