0 मछली पकड़ते समय बहा युवक
0 महापौर बोलीं- फिल्ड में रहें अफसर
रायपुर/दुर्ग-भिलाई/महासमुंद/बलौदाबाजार/राजनांदगांव/रायगढ़/अंबिकापुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह एक्टिव हो गया है। पिछले 2 दिनों से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण कई शहरों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। रायपुर के टाटीबंध सहित कई निचले इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, रायपुर महापौर मीनल चौबे ने सोमवार को जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दफ्तर छोड़कर फील्ड में डटे रहने को कहा। महासमुंद जिले में गोपालपुरा एनीकट में सोमवार दोपहर मछली पकड़ने के दौरान एक युवक तेज बहाव में बह गया। रेस्क्यू टीम लापता युवक की तलाश में जुटी है। वहीं कोरबा जिले के ग्राम पंचायत भैसामुड़ा के पास जोगीनाला में करोड़ों रुपए की लागत से बना पुलिया पहली ही बारिश में टूटा गया।
पहली बारिश में बह गई भिलाई निगम की तैयारियां, घरों में घुसा गंदा पानी
भिलाई नगर पालिक निगम की मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पहली ही तेज बारिश में पोल खुल गई। 4 जुलाई की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश का असर 5 जुलाई की देर रात तक शहर में बना रहा। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। सबसे खराब हालात निगम क्षेत्र के सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप इलाके में देखने को मिले, जहां सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। बारिश से पहले नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण शहर के कई हिस्सों में नालियां जाम हो गईं। इसके चलते बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और कई स्थानों पर गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। कई कॉलोनियों के रहवासियों को रातभर घरों से पानी निकालने की मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, निचले इलाकों में खड़ी कारें और दोपहिया वाहन आधे से अधिक पानी में डूबे नजर आए। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
3 दिन की बारिश से अमेठी एनीकेट उफान पर
बलौदाबाजार जिले में अमेठी एनीकेट के ऊपर करीब 3 फीट पानी बह रहा है। इससे आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसे देखते हुए 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने से एक किसान की मौत
बिलासपुर में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। वहीं, भिलाई में लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें लबालब हो गईं। सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र में सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे तालाब जैसी नजर आने लगीं।
एनीकट में पानी के तेज बहाव में बहा युवक
महासमुंद जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुरा एनीकट में सोमवार दोपहर मछली पकड़ने के दौरान एक युवक तेज पानी के बहाव में बह गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, गोपालपुर निवासी रामेश्वर निषाद (21 वर्ष) पिता दसरू निषाद सोमवार दोपहर करीब 2 बजे गोपालपुर एनीकट में मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। पास खड़े तिरथ निषाद ने लकड़ी के सहारे उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धारा के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलने पर तुमगांव पुलिस और नगर सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। हालांकि नदी में पानी का बहाव और दबाव अत्यधिक होने के कारण सुरक्षा कारणों से रेस्क्यू दल तत्काल पानी में नहीं उतर सका। युवक की तलाश के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पहली ही बारिश में 26 करोड़ की ओवरब्रिज में आई दरारें
राजनांदगांव जिले के ग्राम बरगा के समीप दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज पहली ही बारिश में दरकने लगा है। इस ब्रिज का उद्घाटन जून में ही हुआ है। उद्घाटन के महज कुछ सप्ताह बाद ही पुल में बड़ी दरारें दिखाई देने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज बीच से दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। यह ओवरब्रिज क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में पुल में आई दरारों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने पुल की तत्काल तकनीकी जांच कर दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई और मरम्मत की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं रही। पहली ही बारिश में पुल की स्थिति बिगड़ने से सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
केलो डैम के 4 गेट खुले, उफान पर आई नदी, प्रशासन अलर्ट
रायगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते केलो डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए रविवार देर रात डैम के चार गेट 25 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए। इसके बाद केलो नदी उफान पर आ गई और सोमवार सुबह छोटे रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। रविवार दोपहर से जिले में रुक-रुककर हल्की और तेज बारिश हो रही है। वहीं ऊपरी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश के कारण केलो डैम में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। डैम का अधिकतम जलभराव स्तर 233.00 मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 230.30 मीटर तक पहुंच चुका है। रात में पानी की आवक बढ़ने के बाद चार गेट खोलने का निर्णय लिया गया। डैम के गेट खुलने के बाद केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के छोटे रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। संभावित खतरे को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सरगुजा संभाग में तीन दिनों तक बारिश का यलो अलर्ट
सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों में रविवार के बाद सोमवार को भी अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि उत्तर छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने के बाद भी खंड वर्षा ही हुई है। औसत से काफी कम बारिश के कारण खेती का काम भी रूका हुआ है। सरगुजा संभाग में लगातार बादल छाए हुए हैं। रविवार देर शाम और रात को कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई। मैनपाट, सीतापुर, लखनपुर और उदयपुर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में खासी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को तेज हवाओं के साथ अधिकांश इलाकों में बारिश हो सकती है। पूरे संभाग में बारिश के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। अंबिकापुर में पिछले 24 घंटों में मात्र 12.3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।