Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 यौन शोषण कंटेंट कंट्रोल में चूक का मामला
0  नेताओं और वीआईपी अकाउंट्स पर गलत कार्रवाई पर जवाब मांगा
नई दिल्ली। भारत सरकार और मेटा की ग्लोबल टीम के बीच 5 और 6 अगस्त को एक अहम बैठक होने जा रही है। केंद्र सरकार ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा के प्रतिनिधियों को समन भेजकर तलब किया है।

केंद्र सरकार इस बैठक में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटीरियल यानी सीएसएएम पर लगाम लगाने में हुई चूक, फर्जी/सिंथेटिक एआई कंटेंट और बड़े नेताओं के वेरिफाइड अकाउंट्स पर गलत कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने मेटा द्वारा अब तक दिए गए जवाबों को नाकाफी माना है।

पीएम मोदी की पोस्ट हटने के बाद बढ़ी सख्ती
यह बैठक हाल ही में फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो पोस्ट के कुछ समय के लिए हट जाने के विवाद के बाद तय की गई है। इस घटना के बाद सरकार ने मेटा के प्लेटफॉर्म्स की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों, ऑटोमेटेड सिस्टम और बिग-टेक कंपनियों की जवाबदेही पर निगरानी सख्त कर दी है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक मेटा ने पीएम मोदी के वीडियो के हटने पर खेद व्यक्त किया है और वह इसके लिए औपचारिक माफी मांगने को भी तैयार है। दरअसल, पीएम मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक को गंभीर विषय बताते हुए एक वीडियो जारी किया था। इसे मेटा ने रात 12:30 बजे से सुबह 5:00 बजे तक हटा दिया था। लेकिन बाद में उसे रिस्टोर कर दिया गया। मेटा ने अपनी सफाई में कहा कि दरअसल, यह एक टेक्निकल एरर था।

इंस्टाग्राम विज्ञापनों में सीएसएएम का मुद्दा भी उठा
मेटा केवल वीआईपी पोस्ट हटाने के मामले में ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी अन्य गंभीर मामलों में भी जांच के दायरे में है। इससे पहले इंस्टाग्राम पर पेड एड्स यानी प्रायोजित विज्ञापनों के जरिए चाइल्ड सीएसएएम के प्रचार-प्रसार को लेकर सरकार ने मेटा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 5-6 अगस्त की बैठक में सरकार यह भी समीक्षा करेगी कि उस नोटिस के बाद कंपनी ने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं।