नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और टैक्स सुधारों को लेकर कई अहम जानकारी सामने आई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने करेंसी नोटों की उम्र बढ़ाने और उनकी क्वालिटी बेहतर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही उन्होंने देश में महंगाई की मौजूदा स्थिति और आम लोगों को दी जा रही टैक्स राहत की भी पूरी जानकारी दी।
10-20 के पॉलीमर नोटों का होगा फील्ड ट्रायल
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सेंट्रल बोर्ड की सिफारिश के बाद सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 1-1 अरब पॉलीमर नोट बाजार में उतारे जाएंगे। यह प्रस्ताव रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 के सेक्शन 25 के तहत तैयार किया गया था। अगर ये फील्ड ट्रायल सफल रहते हैं, तो पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री ने साफ किया कि ये पॉलीमर नोट पूरी तरह नए नोटों की जगह नहीं लेंगे। ये बाजार में पहले से चल रहे कागज के नोटों के साथ ही सर्कुलेशन में रहेंगे। फिलहाल इन नोटों की खरीद की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। इसलिए अभी इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आएगा या इसे पूरी तरह कब लॉन्च किया जाएगा, इसकी कोई तय समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।
घट रही है महंगाई, आरबीआई के टारगेट से नीचे दर
रिटेल महंगाई के मोर्चे पर सरकार ने आंकड़ों के जरिए राहत की तस्वीर पेश की है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर औसत रिटेल महंगाई दर पिछले तीन सालों में लगातार कम हुई है। महंगाई दर 2023-24: 5.4 प्रतिशत, 2024-25: 4.6 प्रतिशत व 2025-26: 2.1 प्रतिशत रही। हालांकि, 2026-27 की पहली तिमाही (क्वाटर्र1) में रिटेल महंगाई थोड़ी बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई। इसके पीछे पश्चिम एशिया संकट के कारण कमोडिटी और ऊर्जा की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी, सब्जियों के मौसमी दाम और एल नीनो का असर बताया गया है। हालांकि, वित्त मंत्री ने साफ किया कि महंगाई में यह बढ़ोतरी भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4 प्रतिशत के तय लक्ष्य के दायरे में है। महंगाई को काबू में रखने के लिए सरकार ने प्रशासनिक और राजकोषीय स्तर पर कई कदम उठाए हैं। कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सनफ्लावर ऑयल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (बीसीडी) कम की गई है। इसके अलावा मसूर दाल पर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस भी घटाया गया है। वहीं, मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी) में भी 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी।