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बोगोटा। कोलंबिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद अबतक कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई है और 570 से अधिक लोग घायल हुए हैं। त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है, जबकि राहत एवं बचाव दल ढही हुई इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।

कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा के अनुसार, यह इस सदी में देश में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गयी थी। इसका केंद्र राजधानी बोगोटा से लगभग 240 किलोमीटर दूर संजोस डेल पाल्मार के पास था।
अधिकारियों ने आशंका जतायी की मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि देशभर में 86 इमारतें पूरी तरह ढह गई है।
कोलंबिया के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्र परेरा में सबसे अधिक कम से कम 60 लोगों की मौत दर्ज की गई है। काली शहर से 188 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांच प्रमुख प्रांतीय राजधानियों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और सात हवाई अड्डों पर परिचालन स्थगित कर दिया गया है। परेरा में एक एरियल केबल कार में लगभग छह घंटे तक फंसे 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
राष्ट्रपति एस्प्रिएला ने आपातकाल की घोषणा करते हुए राहत कार्यों के लिए सभी सरकारी संसाधनों को तैनात करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बचाना है।" अमेरिका ने कोलंबिया को भोजन, आश्रय और राहत कार्यों के लिए 1.55 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि पहाड़ी और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण यह क्षेत्र वर्ष 1999 में भी एक भीषण भूकंप से तबाह हुआ था, जिसमें लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, सोमवार को आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 107 किलोमीटर गहराई में था। फिलहाल लापता लोगों की तलाश और राहत अभियान जारी है।