वाशिंगटन। अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में आपराधिक गतिविधियों, धोखाधड़ी, आव्रजन नियमों के उल्लंघन, हिंसा के आह्वान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों के कारण 1.75 लाख से अधिक वीजा रद्द किये हैं। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने उन विदेशी नागरिकों के 1.75 लाख से अधिक वीजा रद्द किये हैं, जिन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया, अपराध किये, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया, अमेरिकियों के साथ धोखाधड़ी की, हमारी आव्रजन व्यवस्था का दुरुपयोग किया या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वीजा रद्द किए जाने के अधिकांश मामले कानून प्रवर्तन एजेंसियों के संपर्क में आने के बाद सामने आए। इनमें मारपीट, नशे में वाहन चलाना, चोरी और मादक पदार्थों से जुड़े अपराध शामिल हैं। कुछ मामलों में यौन उत्पीड़न, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी, गबन और लापरवाही से वाहन चलाने जैसे आरोप भी शामिल थे। मंत्रालय ने कहा कि वीजा रद्द करने की कार्रवाई अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों की जारी जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया का हिस्सा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कई विदेशी नागरिकों को विदेश नीति से जुड़े आधार पर देश से निष्कासन योग्य भी घोषित किया है। इनमें क्यूबा और ईरान के ऐसे नागरिक शामिल हैं, जिन पर विदेशी सरकारों के प्रभाव वाले अभियानों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा लाओस और कुवैत के नागरिकों के मामले भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुवैत से जुड़े एक मामले में एक विदेशी नागरिक ने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ हिंसा की इच्छा व्यक्त की थी और अमेरिकी नागरिकों को अपना "दुश्मन" बताया था।
मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो के नेतृत्व में विदेश मंत्रालय ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान, जांच और उनके वीजा रद्द करना जारी रखेगा, जो अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।" मंत्रालय ने साथ ही कहा कि अमेरिकी वीजा "विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।
विदेश मंत्रालय ने कई व्यक्तिगत मामलों का भी उल्लेख किया, जिनमें गंभीर बलात्कार और यौन उत्पीड़न, अपहरण और मानव तस्करी, नाबालिग के यौन शोषण, बाल यौन शोषण सामग्री रखने और घरेलू हिंसा जैसे आरोप शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी अफ्रीका स्थित एक अमेरिकी दूतावास ने ऐसे 100 से अधिक अभिभावकों के वीजा भी रद्द किए, जिन्हें उसने "बर्थ टूरिस्ट" बताया। मंत्रालय के अनुसार, ये लोग मुख्य रूप से अपने बच्चों को जन्म देने के लिए अमेरिका गए थे ताकि उनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
विदेश मंत्रालय ने धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े मामलों में भी वीजा रद्द किये जाने की जानकारी दी। इनमें एक व्यक्ति पर 50 लाख डॉलर से अधिक की कथित फर्जी सेवाओं से जुड़े मेडिकेड घोटाले को संचालित करने में मदद करने का आरोप है। एक अन्य मामले में एक व्यक्ति पर वीजा हासिल करने के लिए कारोबार से होने वाली आय के फर्जी आंकड़े तैयार करने और दस्तावेजों में जालसाजी करने का आरोप लगाया गया।
मंत्रालय ने ऐसे विदेशी नागरिकों के मामलों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली कर्क की हत्या का कथित तौर पर समर्थन या जश्न मनाया था। मंत्रालय के अनुसार, एक व्यक्ति ने लिखा था, "जब फासीवादी मरते हैं, तो डेमोक्रेट शिकायत नहीं करते", जबकि दूसरे ने कहा था कि कर्क "बहुत देर से मरा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वीजा रद्द करने और विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा तथा देश की आव्रजन व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना है।