0 खेल-राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की आकांक्षाओं को रखेंगे केंद्र में
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में देश भर के युवा खेल, युवा नेतृत्व, फिटनेस, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा के लिए एक साथ आएंगे।
'मेरा युवा भारत' द्वारा 'राष्ट्रीय खेल दिवस 2026' के जश्न के हिस्से के तौर पर आयोजित यह कार्यक्रम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा, जिसमें हर ज़िले के दो कॉलेजों के युवा हिस्सा लेंगे। इस पहल का मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जुड़ने, अपनी उम्मीदें बताने और देश के युवा और खेल पारिस्थितिक तंत्र को मज़बूत करने के लिए सुझाव देने का मंच देना है। यह प्रधानमंत्री के एक फिट, अनुशासित और खेल-प्रेमी राष्ट्र बनाने के विजन के अनुरूप भी है, जिसमें विकास के एजेंडे में युवाओं की भागीदारी को अहमियत दी गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, स्वयंसेवा, नागरिक ज़िम्मेदारी, फिटनेस और राष्ट्र-निर्माण को एक साझा मंच पर लाएगा। इससे युवा प्रतिभागी देश की खेल संबंधी महत्वाकांक्षाओं से जुड़ सकेंगे और विकसित हो रहे खेल इकोसिस्टम में अपने विचार रख सकेंगे।
इस देशव्यापी कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर युवा प्रतिभागियों, 'माई भारत' के स्वयंसेवकों, खिलाड़ियों और जन-प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होगी। इसकी एक खास बात यह होगी कि खेल में रुचि रखने वाले युवा, भारत के प्रमुख खिलाड़ियों और पदक विजेताओं से सीधे बातचीत कर सकेंगे, जिससे उन्हें सफल खिलाड़ियों के अनुभवों से सीखने का मौका मिलेगा।
'युवा संवाद' इस पहल का मुख्य हिस्सा होगा, जिसमें युवा प्रतिभागियों को अपने विचार, चिंताएं और उम्मीदें बताने का मौका मिलेगा। चर्चाएं पांच मुख्य विषयों पर होंगी। खेल विकास, ओलंपिक की महत्वाकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशा-मुक्त युवा अभियान। पहला विषय बेहतर अवसंरचना और सुविधाओं, अच्छी कोचिंग, खेलकूद विज्ञान के ज़्यादा इस्तेमाल और सभी की भागीदारी के जरिए भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने पर केंद्रित होगा। दूसरा विषय वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के लगातार विकास के ज़रिए 2036 ओलंपिक के लिए खेल प्रतिभाओं को तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा। तीसरा विषय गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और 'माई भारत' के वॉलंटियरिंग कार्यक्रमों के ज़रिए युवा नेतृत्व तैयार करने के तरीकों पर चर्चा करेगा।
चौथा विषय युवाओं को नागरिक ज़िम्मेदारी, भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल्स और व्यवस्थित वॉलंटियरिंग के मौकों को विकसित करके 'विकसित भारत' में योगदान देने के लिए सशक्त बनाने पर केंद्रित होगा।
पांचवां विषय युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या से निपटने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करके 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। इस कोशिश को दो अगस्त को शुरू किए गये प्रधानमंत्री के नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत साप्ताहिक 'जन भागीदारी' गतिविधियों के माध्यम से और मजबूत किया जाएगा।
'खेलो इंडिया डायलॉग' सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसके तहत खेलों का इस्तेमाल न केवल एथलेटिक प्रतिभा की पहचान करने और उसे निखारने के लिए किया जाता है, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन, टीम वर्क, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है। 27 अगस्त के कार्यक्रम से युवाओं को अपनी आकांक्षाओं और विचारों को साझा करने तथा एक फिट, कुशल और युवाओं के नेतृत्व वाले 'विकसित भारत' के निर्माण के व्यापक विजन में योगदान देने के लिए एक राष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद है।