0 जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी 'जेसीआर' ने रेटिंग "ट्रिपल बी प्लस" से "ए माइनस" कर दी
नई दिल्ली। जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी 'जेसीआर' ने भारत की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा और स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग एक पायदान ऊपर बढ़ाकर "ट्रिपल बी प्लस" से "ए माइनस" कर दी है।
यह रेटिंग किसी देश की सरकार की ऋण चुकाने की क्षमता और वित्तीय साख का स्वतंत्र मूल्यांकन होता है। जेसीआर ने भारत की कंट्री सीलिंग भी एक पायदान बढ़ाकर "ए" कर दी है। किसी देश की कंट्री सीलिंग में सुधार से वहां की निजी और सरकारी कंपनियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से कम ब्याज दरों पर कर्ज जुटाना आसान हो जाता है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसका स्वागत करते हुए कहा कि इस उन्नयन से देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि, विकास का आधार मजबूत बनाने में आर्थिक नीतियों का प्रभाव और बेहतर वित्तीय प्रणाली की झलक दिखती है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में उच्च विकास दर बनी हुई है
जेसीआर ने कहा कि मजबूत निजी उपभोग और सार्वजनिक निवेश से भारतीय अर्थव्यवस्था में उच्च विकास दर बनी हुई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के प्रभावशाली प्रदर्शन से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत पर मजबूत बनी रही।
विकास की गति बरकरार रही है
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भी विकास की गति बरकरार रही है। एजेंसी ने उत्पादकता वृद्धि और आर्थिक विकास के लिए अनुकूल नीतियों के सरकार के निरंतर कार्यान्वयन पर भी प्रकाश डाला, जिसमें सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना का विकास और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का कार्यान्वयन शामिल है, जिससे देश की आर्थिक नींव मजबूत हुई है।
राजकोषीय व्यय गुणवत्ता में सुधार
जेसीआर ने राजकोषीय व्यय गुणवत्ता में सुधार का भी जिक्र किया जिसमें पूंजीगत व्यय, विशेष रूप से ढांचागत निवेश पर अधिक जोर दिया गया है। जापानी साख एजेंसी ने कहा कि भारत सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के 4.7 प्रतिशत से कम होकर वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 प्रतिशत रहा, जबकि पूंजीगत व्यय उच्च स्तर पर बना रहा।
भारत का चालू खाता घाटा नियंत्रित
बाह्य क्षेत्र संदर्भ में, जेसीआर ने कहा कि सेवा व्यापार में अधिशेष से भारत का चालू खाता घाटा नियंत्रित है। अल्पकालिक बाह्य ऋण से कहीं अधिक विदेशी मुद्रा भंडार, बाह्य प्रभाव से निपटने में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। इससे पहले मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस ने मई 2025 में भारत की संप्रभु रेटिंग सुधार किया था। अगस्त 2025 में प्रमुख अमरीकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और सितंबर 2025 में जापान के रेटिंग एंड इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन ने भी भारत की रेटिंग अपग्रेड की थी।