Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 आम आदमी की खरीदारी से अर्थव्यवस्था मजबूत
नई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में वर्ल्ड बैंक ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.6% बताया था।

मंगलवार, 6 अक्टूबर को जारी लेटेस्ट रिपोर्ट 'इंडिया डेवलपमेंट अपडेट' में वर्ल्ड बैंक ने यह बात कही है। ग्लोबल ट्रेड और दुनिया में तनाव के बावजूद भारत की इकोनॉमी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।

7.8% की जीडीपी ग्रोथ: अनुमान से तेज रफ्तार
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही थी। यह RBI के 7% के अनुमान से भी काफी ज्यादा है। दुनिया भर में चल रहे संकटों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने शुरुआती तीन महीनों में उम्मीद से काफी तेज रफ्तार पकड़ी है।

आम आदमी की जेब में बचत: खूब हो रही खरीदारी
शहरों से लेकर गांवों तक खरीदारी बढ़ी है। पहली तिमाही में निजी खपत 7.1% की दर से बढ़ी। शहरों में इनकम टैक्स में छूट और जीएसटी दरों में कटौती से लोगों के पास पैसे बचे, जिन्हें उन्होंने बाजार में खर्च किया। वहीं गांवों में किसान सम्मान योजना और सस्ती राशन योजनाओं ने ग्रामीणों की जेब को मजबूती दी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का रिकॉर्ड खर्च
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर- सड़क, पुल और निर्माण को सुधारने के लिए खजाना खोल दिया है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर में 29.9% की भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे कुल निवेश 11.9% उछल गया। सरकारी प्रोजेक्ट्स चलने से सीमेंट और स्टील जैसे सामानों का उत्पादन 7.2% बढ़ गया।

फैक्ट्रियों का चक्का तेज: बिजली और गाड़ियां की बिक्री बढ़ी
देश में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट रेट यानी औद्योगिक विकास दर बढ़कर 8.6% हो गई है, जो पिछले साल 6.1% थी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2% और पावर सेक्टर में 8.9% की तेजी दर्ज की गई। नई गाड़ियों की खरीदारी, पैक्ड फूड की बिक्री और तेज गर्मी में बिजली की भारी मांग से कारखानों में दिन-रात काम चल रहा है।

सर्विस सेक्टर में बूम: रियल एस्टेट और आईटी चमके
सर्विस सेक्टर में 10.0% की ग्रोथ आई है। बैंकिंग, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज में 12.1% का उछाल आया। लोग जमकर नए घर और प्रॉपर्टी खरीद रहे, वहीं आईटी कंपनियों का बिजनेस भी अच्छा चल रहा है।

विदेशों में भारतीय सामान और सर्विसेज की भारी मांग
पहली तिमाही में भारत का कुल एक्सपोर्ट (यूएसडी में) 16.2% बढ़ा। भारत से रिफाइंड पेट्रोल-डीजल के निर्यात में 36.6% का उछाल देखा गया। इसके अलावा विदेशियों ने भारतीय आईटी सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विसेज का जमकर इस्तेमाल किया, जिससे सर्विस सेक्टर में 51.6 अरब डॉलर का सरप्लस रहा।

बैंकों की सेहत सुधरी: आसानी से मिल रहा लोन
बैंकों का फंसा हुआ कर्ज यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) घटकर जून 2026 में महज 1.7% रह गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। बैंकों से लोन लेने की दर भी बढ़कर 18% पहुंच गई। बैंकों की स्थिति मजबूत होने से आम आदमी को कार/होम लोन और कारोबारियों को बिजनेस लोन आसानी से मिल रहे हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार का नया रिकॉर्ड
4 सितंबर 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 785 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। यह पैसा भारत के 11.5 महीने के आयात (इम्पोर्ट) का बिल भरने के लिए काफी है। इस भारी फंड की वजह से कच्चे तेल के दाम चढ़ने के बाद भी भारतीय रुपया कमजोर नहीं पड़ा।

महंगाई पर ब्रेक: पेट्रोल-डीजल और गैस पर राहत
महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 प्रति लीटर घटा दी। साथ ही घरेलू एलपीजी का उत्पादन 28% बढ़ाया। वैश्विक तेल संकट के बावजूद टैक्स में छूट और खाद-गैस पर सब्सिडी देकर सरकार ने आम जनता का बजट बिगड़ने नहीं दिया।

रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन: 1 लाख करोड़ का नया फंड
कंपनी मुनाफा बढ़ने और लोगों की कमाई सुधरने से टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल आया। कॉरपोरेट टैक्स 20% और पर्सनल इनकम टैक्स 24% बढ़ा। सरकार की कुल कमाई 19.3% बढ़ी। इसके अलावा, आरबीआई से मिले बंपर डिविडेंड की मदद से सरकार ने किसी भी अचानक आई आर्थिक विपत्ति से निपटने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का 'इकोनॉमिक स्टेबलाइजेशन फंड' तैयार कर लिया है।

भारत की अर्थव्यवस्था का ओवरऑल रुझान मजबूत
वर्ल्ड बैंक ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्तीय वर्ष 2025 में 7.2% की दर से बढ़ने के बाद वित्तीय 26 में 7.8% की तेज रफ्तार पकड़ी थी। वित्तीय 2027 में भी पहली तिमाही के 7.8% रहने के बाद आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ रेट थोड़ी कम होने की उम्मीद है, लेकिन ओवरऑल रुझान मजबूत बना रहेगा।