Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी ) ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध केवल चुनाव आयोग या मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सरकार को सत्ता से हटाना है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस "सत्ता परिवर्तन के लिए हिंसा का सहारा लेने वाल "बांग्लादेश मॉडल" अपनाना चाहती है। कांग्रेस का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या एसआईआर के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश है। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर सत्ता में रहते हुए चुनाव आयोग को अपने प्रभाव में रखने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने वर्ष 1993 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने चुनाव आयोग में रातोंरात बदलाव किए थे। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर तत्कालीन चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद बाद में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चावला को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचाया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 1993 से पहले मतदाताओं की पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था नहीं थी। उनके मुताबिक, मतदाता पहचान पत्र लागू होने के बाद कांग्रेस अपने दम पर केंद्र में सरकार बनाने में सफल नहीं रही।

उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए कांग्रेस पर चुनावी संस्थाओं के साथ राजनीतिक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और कहा कि आज वही पार्टी चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मौजूदा विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके पीछे व्यापक राजनीतिक उद्देश्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वतंत्र रूप से काम करने वाली संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन किसी को भी हिंसा का सहारा लेने का अधिकार नहीं है। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र किसी को हिंसा का अधिकार नहीं देता। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी की राजनीति को "विघटन की राजनीति" करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दों को राजनीतिक संघर्ष का रूप देने की कोशिश कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली प्रभावित हो।

हालांकि, कांग्रेस एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर किए जा रहे विरोध को पार्टी लोकतांत्रिक अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताती रही है। राजनाथ सिंह के आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक विवाद को और स्पष्ट कर सकती है।