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0 राहुल ने स्टूडेंट्स के साथ बातचीत का वीडियो शेयर किया
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें वे उन स्टूडेंट्स से बात करते नजर आ रहै हैं जिन्हे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पीटा। राहुल ने इसके साथ पोस्ट भी की है।

उन्होंने लिखा कि यौन उत्पीड़न, कपड़े खींचना और प्राइवेट पार्ट्स पर हमला-लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों और महिलाओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की बर्बरता ने शर्मनाक हदें पार कर दी हैं।
वीडियो में एक स्टूडेंट कह रही है कि एएसपी कहती हैं कि इन लड़कियों को इनके प्राइवेट पार्ट से पकड़कर बस के अंदर करो कि शर्म के मारे ये खुद ही चली जाएंगी। दूसरी स्टूडेंट्स ने कहा कि पुलिसकर्मी कपड़े खींच रहे हैं, लड़कियों के आधे कपड़े ऊपर हो रहे हैं। हमे कपड़े ठीक करने का टाइम तक नहीं दे रहे। शरीर में इधर-उधर पिन चुभाते हैं। एक स्टूडेंट ने कहा कि मैन हैंडलिंग जिस तरह से हो रहा है, जैसा मेरे साथ हुआ है। वो इस मौके की तलाश में थे कि कैसे इन गर्ल्स को छेड़ा जाए। उन्होंने मेरे ब्रेस्ट को पकड़ा। आदमियों ने।
एक छात्रा ने कहा कि अभी दो तरफा हमला हो रहा है। एसआईआर से लोकतंत्र पर हमला हो ही रहा है। दूसरी ओर जब हम पार्टिसिपेटेड डेमोक्रेसी की तरफ देख रहे हैं तो हम जमीनी स्तर पर उतर क्यों रहे हैं, ज्ञानेश कुमार के आंदोलन के पहले भी क्योंकि हमारे पास और कोई चारा नहीं है।

इसमें राहुल कहते हैं कि ऊपर बैठे लोगों में से अधिकांस डेमोक्रेसी में विश्वास नहीं करते। प्रधानमंत्री, मोहन भागवत आरएसएस के लोग डेमोक्रेसी में विश्वास नहीं करते। एलीट वर्ग के लोग डेमोक्रेसी में विश्वास नहीं करते। शिक्षा का अनप्राइवेटाइज सिस्टम डेमोक्रेसी का सॉलिड प्रोटेक्टर है। एक छात्रा कहती है कि लाल किले में मैने बस पर चढ़कर प्रदर्शन किया जिससे ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे। तब महिला कॉस्टेबल ने बस से हमें फेंकने की कोशिश की। हमारे फोन फेंक दिए गए।
 
तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाए
एसआईआर के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की थी। राहुल ने सभी के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत में ज्यादती करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई के छात्र, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ घटनाएं बताईं थीं।