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0 खड़गे ने कहा- हमारी आपत्तियां डिलीट कीं
0 शाह बोले- जो चाहें जोड़ लें, मेरी पार्टी को आपत्ति नहीं
नई दिल्ली। संसद में बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिन जेपीसी रिपोर्ट पेश की गई। इस दौरान विपक्ष ने असहमतियों को हटाने को लेकर हंगामा किया। फिर विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।
बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिन संसद में वक्फ संशोधित बिल पर जेपीसी रिपोर्ट पेश करने को लेकर हंगामा हुआ। लोकसभा में जेपीसी चेयरमैन और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने और राज्यसभा में भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने इस रिपोर्ट को पेश किया। इसे लेकर दोनों सदनों में विपक्ष ने आपत्ति जताई। इनका आरोप है कि जेपीसी रिपोर्ट में उनकी असहमतियों को डिलीट कर दिया गया। 
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जेपीसी की यह रिपोर्ट फर्जी है। इसमें विपक्ष की असहमतियों को डिलीट कर दिया गया। ये असंवैधानिक है। वहीं आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि हमने अपना पक्ष रखा। इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं, लेकिन कूड़ेदान में कैसे डाल सकते हैं।

इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी कि उनकी राय को इसमें नहीं जोड़ा गया। मैं कहना चाहता हूं कि विपक्ष के सदस्य संसदीय कार्य प्रणाली के तहत जो कुछ भी जोड़ना चाहते हैं, वो जोड़ सकते हैं। उनकी पार्टी को इसमें कोई भी आपत्ति नहीं है।

विपक्ष की असहमतियां रिपोर्ट में शामिल की जाएंगीः जगदंबिका पाल 
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर जेपीसी के अध्यक्ष भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा-रिपोर्ट में असहमति शामिल की जाएंगी। अमित शाह ने भी कहा है कि विपक्ष की आपत्तियों को शामिल करने में उनकी पार्टी को कोई समस्या नहीं है। क्या इसके बाद भी वॉकआउट करना सही है?

कुछ लोग देश तोड़ने की साजिश कर रहेः नड्डा 
भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का मकसद चर्चा करना नहीं, अपने पॉइंट रखना था। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कुछ भी डिलीट नहीं किया। जबकि जेपीसी अध्यक्ष को डिलीट करने का अधिकार है। ये तुष्टिकरण की राजनीति है। कुछ लोग देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। कुछ लोग देश के खिलाफ लड़ रहे हैं। कुछ लोग देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं, कांग्रेस और कुछ पार्टियां उनका समर्थन करती हैं।

वक़्फ़ पर असहमति की टिप्पणियां कार्यवाही से हटाना अलोकतांत्रिक : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि वक़्फ़ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) सदस्यों की असहमति की टिप्पणी हटाना गलत है और उसके बिना यह रिपोर्ट फर्जी है ,इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने वक़्फ़ विधायक पर बनी जेपीसी में मनमानी करने का प्रयास किया और समिति के सदस्यों ने इसमे जिन बिन्दुओं को लेकर असहमति दी है उन सभी टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाया गया है। जेपीसी के सदस्यों की असहमतियों की रिपोर्ट को हटाना असंवैधानिक है और इसके बिना यह रिपोर्ट फर्जी है। श्री खरगे ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जेपीसी में अनेक सांसदों ने अपनी असहमति की टिप्पणी दी है, लेकिन उन्हें कार्यवाही से निकाल दिया गया। यह अलोकतांत्रिक है। ये सदन इस फर्जी रिपोर्ट को नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि मेरा अनुरोध है कि अगर इसमें असहमति की टिप्पणी हटाई गई हैं तो रिपोर्ट को वापस जेपीसी में भेजा जाए और इसमें संसद सदस्यों के असहमति की टिप्पणी को शामिल करके इसे दोबारा पेश किया जाए।अगर सरकार असंवैधानिक काम करेगी तो देशहित में हम अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

बिल वक्फ को बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा हैः ओवैसी  
वक्फ संशोधन विधेयक पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करता है। बिल वक्फ को बचाने के लिए नहीं बल्कि इसे बर्बाद करने और मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानों को मुसलमानों से छीनने के लिए है। हालांकि लोकसभा स्पीकर ने आश्वासन दिया है कि विपक्षी सांसदों की 70% आपत्तियों को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।

लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित
बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण 13 फरवरी तक चला। जिसके बाद 14 फरवरी से 9 मार्च तक अंतराल रहेगा। दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा।

निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया आयकर बिल पेश किया 
नई दिल्ली। नया आयकर विधेयक 2025 को गुरुवार को लोकसभा में पुर:स्थापित किये जाने के बाद इसे समीक्षा और सिफारिश के लिये प्रवर समिति को भेजा गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में इस विधेयक को पुर:स्थापित करने और इसे प्रवर समिति को भेजे जाने का प्रस्ताव किया, जिसके लिये सदन ने ध्वनिमत से अपनी स्वीकृति प्रदान की। वित्त मंत्री ने विधेयक पुर:स्थापित करते हुये कहा कि वह प्रस्ताव करती हैं कि लोक सभा अध्यक्ष इस विधेयक के संबंध में एक प्रवर समिति का गठन करें और समिति के लिये नियम एवं शर्तें तय की जायें। उन्होंने प्रस्ताव किया कि समिति अपनी रिपोर्ट अगले सत्र के पहले दिन सदन में पेश करे। इससे पहले रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रन ने विधेयक को लेकर कुछ आपत्तियां उठायी थी। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि इस आपत्तियों का कोई औचित्य नहीं बनता है। अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीमती सीतारमण को सदन के समक्ष यह प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी। श्रीमती सीतारमण के प्रस्ताव को सदस्यों ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। वित्त मंत्री ने पहली फरवरी को 2025-26 का बजट प्रस्तुत करते हुये आयकर व्यवस्था को आसान बनाने के लिये नया कानून बनाने का प्रस्ताव किया है।

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