
0 18 फरवरी को रिटायर होंगे राजीव कुमार, ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदारी संभव
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले नए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के सिलेक्शन को लेकर 17 फरवरी को बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में पीएम मोदी, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के अलावा नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
कमेटी की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति अगले सीईसी की नियुक्ति करेंगी। अब तक सबसे सीनियर चुनाव आयुक्त (ईसी) को सीईसी के रूप में प्रमोट किया जाता रहा है। राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे सीनियर ईसी हैं। उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक है। ऐसे में एक नया ईसी भी नियुक्त किया जा सकता है। सुखबीर सिंह संधू दूसरे ईसी हैं।
कानून के अनुसार सीईसी और ईसी की नियुक्ति ऐसे व्यक्तियों में से की जाएगी जो भारत सरकार के सचिव पद के समान किसी पद पर हों या रह चुके हों। दूसरे शब्दों में कार्यरत और सेवानिवृत्त सचिव स्तर के अधिकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
ईसी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट सीईसी और ईसी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई 12 फरवरी को होनी थी, लेकिन केस लिस्ट नहीं हुआ था। तब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच के सामने मामला उठाया गया था। प्रशांत ने कहा था कि सीईसी राजीव कुमार 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में सरकार नए सीईसी की नियुक्ति कर सकती है, इसलिए कोर्ट इस पर जल्द सुनवाई करे। इस पर कोर्ट ने 19 फरवरी की तारीख देते हुए कहा था कि इस बीच कुछ होता है तो वह अदालत के फैसले के अधीन होगा, इसलिए चिंता की बात नहीं है। मामला मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है।
सीईसी और ईसी की नियुक्ति तीन सदस्यीय पैनल
यह सुनवाई 2 मार्च 2023 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले से जुड़ी है, जिसमें कहा गया था कि सीईसी और ईसी की नियुक्ति तीन सदस्यीय पैनल की तरफ से की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शामिल होंगे।यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय बेंच ने सुनाया था। इस बेंच में सीजेआई संजीव खन्ना भी शामिल थे, जो उस वक्त सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस थे। हालांकि 21 दिसंबर 2023 को सरकार ने एक नया विधेयक पारित किया, जिसमें चीफ जस्टिस को पैनल से हटा दिया गया और उनकी जगह प्रधानमंत्री की तरफ से चुने गए एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार के इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ता जया ठाकुर ने याचिका दायर की है। इस विवाद के बावजूद केंद्र ने मार्च 2024 में ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किया था।