
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल में शिक्षा विभाग प्रभारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में कहा कि स्कूल जतन योजना की कलेक्टरों से जांच करने कहा गया है, उनकी रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नकाल में भाजपा के धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाया। कौशिक ने कहा कि योजना के तहत स्कूलों में दरवाजे खिडक़ी शौचालय, बिजली जैसे डेढ़ दो तीन लाख रूपए के छोटे छोटे काम होने थे। वर्ष 22-23,23-24 में राशि स्वीकृत की गई। लेकिन अनुबंध के बाद भी काम प्रारंभ नहीं किए । रकम की बंदर बाट हुई,कई शिकायतें रहीं हैं। क्या इन्हें रद्द कर दूसरी एजेंसी से पूरा कराया जाएगा।
इस पर सीएम साय ने कहा कि भारी शिकायतें हुईं। थर्ड पार्टी से जांच हुई है। और अधूरे काम पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टरों को भी जांच के लिए कहा गया है, कार्रवाई करेंगे । कौशिक ने कहा कि जहां काम नहीं हुए हैं। उन्हे रद्द कर पंचायतों को दें दें । पंचायतों को 25-25 लाख खर्च का अधिकार है ही।
स्कूलों में प्राचार्य के 3582, सहायक शिक्षक के 33178 पद रिक्त
कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप के एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्राचार्य के कुल 3582 पद खाली है। इसमें से 3224 पद पदोन्नति से भरे जाने हैं, जबकि 358 पद सीधी भर्ती से भरे जायेंगे। इसी तरह सहायक शिक्षक के 33178 पद खाली हैं, जबकि शिक्षक के 10883 पद खाली हैं। इसमें सीधी भर्ती से 5443 और पदोन्नति से 5441 पद भरे जायेंगे। वहीं व्याख्याता के 9246 पद खाली पड़े हैं। जिससमें से सीधी भर्ती से 4623 पद और पदोन्नति से भरे जाने वाले पद 4643 हैं। उसी तरह से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के कुल 2119 पद खाली हैं। ये सभी पद प्रमोशन से भरे जायेंगे। वहीं प्रधान पाठक माध्यमिक शाला के 4045 पद खाली हैं। ये सभी पद पदोन्नति से ही भरे जायेंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में द्वितीय श्रेणी के खाली पद 16873 हैं, जिसमें सीधी भर्ती से 4981 पद और प्रमोशन से 11892 पद भरे जाने हैं। उसी तरह से तृतीय श्रेणी के 51617 पद खाली हैं, जिसमें सीधी भर्ती से 25808 पद भरे जायेंगे, जबकि 25809 पद प्रमोशन से भरे जायेंगे। जबकि चतुर्थ श्रेणी के 12920 पद खाली हैं। ये सभी पद सीधी भर्ती से भरे जाने हैं।