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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में नक्सलवाद से अति प्रभावित जिलों की संख्या घटकर सिर्फ 6 रह गई है, जो नक्सलवाद-मुक्त भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
श्री शाह ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति कठोर रूख अपनाते हुए सर्वांगीण विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि देश अगले वर्ष 31 मार्च तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के प्रति कटिबद्ध है।
देश में नक्सलवाद से प्रभावित कुल ज़िलों की संख्या 38 थी, इसमें अति प्रभावित ज़िलों की संख्या 12 थी, जो घटकर 6 हो गयी, ‘चिंता का विषय वाले जिलों’ की संख्या 9 थी, जो घटकर 6 हो गयी और नक्सल समस्या से प्रभावित अन्य जिलों की संख्या 17 थी जो घटकर 6 हो गयी है।
नक्सलवाद से कुल प्रभावित जिलों में से अति प्रभावित 12 जिले घटकर अब 6 रह गए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के 4 ज़िले (बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा), झारखंड का एक (पश्चिमी सिंहभूम) और महाराष्ट्र का भी एक ज़िला (गढ़चिरौली) शामिल है।
इसी प्रकार कुल 38 प्रभावित ज़िलों में से ‘ चिंता का विषय वाले जिलों’ जहां अतिप्रभावित जिलों के अतिरिक्त संसाधनों को सघन रूप से मुहैया कराने की आवश्यकता है, की संख्या 9 से घटकर 6 रह गई है। ये 6 ज़िले हैं- आंध्र प्रदेश (अल्लूरी सीताराम राजू), मध्य प्रदेश (बालाघाट), ओडिशा (कालाहांडी, कंधमाल और मलकानगिरी) और तेलंगाना (भद्राद्रि-कोठागुडेम)।

अतिप्रभावित जिलों एवं ‘ चिंता का विषय वाले जिलों’ को केन्द्र सरकार द्वारा एक विशेष योजना , विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत सार्वजनिक बुनियादी ढाँचों में व्याप्त अंतराल को भरने के लिए क्रमशः 30 करोड़ एवं 10 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है और इसके अलावा इन जिलों के लिए आवश्यकतानुसार विशेष प्रोजेक्ट का भी प्रावधान है।