हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 2027 के अर्द्धकुंभ मेले के लिए शुक्रवार को तीन शाही स्नान सहित 10 स्नान तिथियाँ घोषित की।
जनवरी से अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में इस बार पहली बार साधु-संतों के साथ चार शाही अमृत स्नान कराए जाएंगे, जिसे संत परंपरा में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। पहला शाही स्नान छह मार्च को महाशिवरात्रि पर होगा, दूसरा आठ मार्च को सोमवती अमावस्या पर, तीसरा 14 अप्रैल को बैसाखी (मेष संक्रांति) और चौथा 20 अप्रैल चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान) होगा। इसके अलावा, मकर संक्रांति पर भी एक महत्वपूर्ण स्नान होगा लेकिन इसे शाही स्नान की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
श्री धामी ने कहा कि कुंभ के आयोजन में संतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए मेला व्यवस्थाओं को भव्य और व्यवस्थित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला शानदार होगा और प्रशासनिक तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी पुष्टि की कि 14 जनवरी, 2027 को मकर संक्रांति के दिन से मेले की शुरुआत होगी। इसके बाद 6 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन, 11 फ़रवरी को बसंत पंचमी, 20 फ़रवरी को माघ पूर्णिमा को स्नान होगा। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण तिथियाँ में सात अप्रैल — नव संवत्सर, 15 अप्रैल - राम नवमी, भी है।
13 जनवरी 2027 मकर संक्रांति से होगी मेले की शुरुआत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 13 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति के दिन से मेले की शुरुआत हो जाएगी। जनवरी माह से अप्रैल तक चलने वाले इस महापर्व के लिए पहली बार साधु-संतों के साथ चार अमृत स्नान निर्धारित किए गए हैं। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हरिद्वार में 2027 अर्धकुंभ मेले के लिए 10 प्रमुख स्नान की तिथियां घोषित की।
चार अमृत स्नान:
1. पहला स्नान: 6 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि के दिन पहला अमृत स्नान होगा।
2. दूसरा स्नान: 8 मार्च 2027 को सोमवती/फाल्गुनी अमावस्या के दिन दूसरा स्नान होगा।
3. तीसरा स्नान: 14 अप्रैल 2027 को वैसाखी के अवसर पर तीसरा अमृत स्नान आयोजित किया जाएगा।
4. चौथा स्नान: 20 अप्रैल चैत्र पूर्णिमा के दिन चौथा अमृत स्नान संपन्न होगा।
प्रमुख पर्व की स्नान तिथियां:
1. मकर संक्रांति का स्नान: 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति का स्नान होगा।
2. मौनी अमावस्या का स्नान: 6 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या का स्नान होगा।
3. बसंत पंचमी का स्नान: 11 फरवरी 2027 को बसंत पंचमी का स्नान होगा।
4. माघ पूर्णिमा का स्नान: 20 फरवरी 2027 के दिन माघ पूर्णिमा का स्नान होगा।
5. नवसंवत्सर स्नान: 7 अप्रैल को नवसंवत्सर का स्नान भी होगा।
6. रामनवमी स्नान: 15 अप्रैल को रामनवमी का स्नान भी होगा।
उपरोक्त इन सभी तिथियों को लेकर संत समुदाय और अखाड़ों ने भी अपनी सहमति देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने सभी अखाड़ों को आगामी अर्द्धकुंभ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और मेले को कुंभ की तरह ही भव्य व दिव्य बनाने के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने दोहराया कि हरिद्वार का अर्द्धकुंभ देश-विश्व में सांस्कृतिक धरोहर के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।