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नई दिल्ली/रांची। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से राज्य सरकार और परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि उसमें किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं है। इसके साथ ही अपीलकर्ताओं की याचिका को खारिज कर दिया गया।

ज्ञातव्य है कि इससे पहले 3 दिसंबर को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एसएससी-सीजीएल परीक्षा मामले में फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने 10 छात्रों के परिणाम पर रोक लगाते हुए, शेष सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे न्याय की अंतिम उम्मीद लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और उन्हें वहां से निष्पक्ष व न्यायसंगत निर्णय की अपेक्षा है।

इसी बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी कर दी और राज्य सरकार ने नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सफल अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब एसएससी-सीजीएल नियुक्ति प्रक्रिया पर लगा असमंजस समाप्त हो गया है और नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य का रास्ता साफ हो गया है।