नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया है जो साझा समृद्धि का प्रारूप है। श्री मोदी ने मंगलवार को यहां यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन के साथ 16 वें भारत- ई यू शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां अपने संबंधों में निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक समन्वय और मजबूत जन संपर्क के आधार पर हमारी साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है और इसी को आगे बढाते हुए भारत ने आज अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझाैता किया है।
उन्होंने कहा कि आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता संपन्न किया है। आज 27 तारीख है और ये सुखद संयोग है कि आज ही के दिन,यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ भारत ये मुक्त व्यापार समझौता कर रहा है। यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि का नया खाका है। "
श्री मोदी ने कहा कि भारत और संघ का सहयोग विश्व की बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक संस्थाओं में सुधारों के पक्षधर हैं और इन्हें जरूरी मानते हैं। उन्होंने कहा , " बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का सम्मान हमारी साझा प्राथमिकता है। हम एकमत हैं कि आज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अनिवार्य है। "
इससे पहले श्री मोदी ने दोनों यूरोपीय नेताओं का स्वागत करते हुए उनके गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने को ऐतिहासिक क्षण करार दिया।