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0 बोले- तेहरान में सत्ता परिवर्तन मकसद नहीं
वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान में लंबी युद्ध खिंचने की चिंता बेबुनियाद है। ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के लंबे क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने के सवाल पर पीट ने कहा है कि यह इराक नहीं है, जहां यह कभी ना खत्म होने वाली लड़ाई चलेगी। ईरान में अमेरिका का ऑपरेशन सीमित समय के लिए हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि ईरान में कब तक हमले किए जाएंगे। उन्होंने अमेरिकी हमलों को ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कहने से भी इनकार कर दिया।

हेगसेथ ने सोमवार को जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के साथ प्रेस वार्ता करते हुए ईरान युद्ध से जुड़े सवालों के जवाब दिए हैं। इस दौरान उन्होंने उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ यह कार्रवाई अंतहीन युद्ध में नहीं बदलेगी। अमेरिका का मकसद तेहरान की मिसाइलें और सुरक्षा ढांचा नष्ट करना है।

मिसाइल भंडार बढ़ा रहा था ईरान
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू नहीं किया है लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में इसे खत्म जरूर करेंगे। उन्होंने कहा, यह समझना चाहिए कि ईरान जैसे देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते हैं। ऐसे देशों को परमाणु हथियार हासिल करने के लिए रोकने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने कदम उठाए हैं।

ईरान के साथ न्यूक्लियर बातचीत के दौरान ही अमेरिका की ओर से हमला करने का हेगसेथ ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता को आगे बढ़ाते हुए इस दौरान मिल रहे समय का इस्तेमाल ईरान अपने मिसाइलों का भंडार बढ़ाने के लिए कर रहा था। तेहरान परमाणु योजनाओं को दोबारा शुरू करने की कोशिश में था लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा नहीं होने दिया।

अमेरिका के चार सैनिकों की मौत
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह माना है कि ईरान के साथ मौजूदा लड़ाई में चार सैनिकों की मौत हुई है। पीट ने कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व की लड़ाई में अब तक चार सैनिकों को खो चुका है। हम उनकी मौत को बेकार नहीं जाने देंगे, जो भी अमेरिकी नागरिकों को मारेगा, उसे बिना माफी और बिना झिझक ढूंढ निकाला जाएगा।

ईरान युद्ध की टाइमलाइन के बारे में पूछे जाने पर पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन के लिए कोई तय टाइमलाइन नहीं है। प्रेसिडेंट ट्रंप ही तय करेंगे कि युद्ध कब तक चलेगा। उन्होंने अपने मिलिट्री कैंपेन को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दशकों से चल रहे टकराव का नतीजा बताया है।