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नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अचानक कमी से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर पड़ने लगा है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के रेस्टोरेंट संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई खाने-पीने की दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं।

बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर Iran, Israel और United States से जुड़े हालात के कारण एलपीजी की ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर भारत में कमर्शियल गैस की उपलब्धता पर भी देखने को मिल रहा है।

सरकार ने घरेलू गैस को दी प्राथमिकता

केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि फिलहाल 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम और 425 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग सीमित रखी जाए। सरकार का उद्देश्य घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी नियमित सप्लाई सुनिश्चित करना है।

बेंगलुरु में होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित

Bengaluru में कमर्शियल गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने संचालन प्रभावित होने की बात कही है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की सप्लाई काफी कम हो गई है।

पुणे में गैस श्मशान घाट अस्थायी रूप से बंद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Pune में गैस से चलने वाले श्मशान घाटों को भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। प्रोपेन और ब्यूटेन की उपलब्धता में कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है।

कई राज्यों में सप्लाई पर असर

पंजाब: 8 मार्च से नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है।

हिमाचल प्रदेश: बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अनिश्चितकाल के लिए बंद बताई जा रही है।

उत्तर प्रदेश: Kanpur और Ghaziabad में भी सिलेंडर डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आई हैं।

सिलेंडर बुकिंग के नियम हुए सख्त

तेल कंपनियों ने जमाखोरी रोकने के लिए कुछ नियम कड़े किए हैं। अब उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के लगभग 21-25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी या बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जा रहा है।

कालाबाजारी की शिकायतें

कुछ शहरों में एलपीजी की कालाबाजारी की भी खबरें सामने आई हैं, जहां सिलेंडर 1400 से 1500 रुपये तक में बेचे जाने की बात कही जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्दी सामान्य नहीं हुए, तो कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।