रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में सोमवार को विपक्ष ने अमानक चावल के मुद्दे पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को घेरा। विपक्ष ने गबड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामकुमार यादव ने कृषि साख समितियों के प्रासंगिक व्यय की राशि पर रोक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धान के उठाव को रोक दिया गया है, जिसकी वजह किसानों को बहुत तकलीफ होती है। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि रिसाइक्लिंग की वजह से धान को रोका गया था। इस पर विधायक रामकुमार यादव ने सवाल किया कि जब धान का उठाव नहीं होता है तो पानी गिरने की वजह से धान खराब हो जाता है। आप स्वयं कहा रहे हैं कि आपने उठाव को रोका है। सक्ती जिले में 30 करोड़ रुपए का धान चूहे खा गए। क्या खाद्य अधिकारी के ऊपर कार्यवाही करेंगे? इस पर मंत्री ने कहा कि सक्ती जिले में 47.41 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। उठाव के लिए बस 3.61 लाख धान बचा है। इस पर विधायक यादव ने फिर दोहराया कि जिन धान को चूहें खा गए, उसमें जो भी संबंधित दोषी अधिकारी है उस पर कार्यवाही करेंगे क्या? इस पर मंत्री ने कहा कि मार्च से पहले धान का उठाव कर लेंगे।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने दखल देते हुए कहा कि रिसाइक्लिंग होने की सूचना विभाग के संज्ञान में है क्या, किन-किन स्थानों पर आई? 17 तारीख को आपने धान खरीदी बंद करवा दी, क्योंकि रिसाइक्लिंग हो रहा है, लेकिन असली परेशानी तो रिसाइक्लिंग होने के बाद ही है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि 17 तारीख को धान खरीदी की बात मैने नहीं की, मैने उठाव की बात की है। विधायक ने कहा कि जो सक्ती में जो प्रकरण आया है उसके दोषी के साथ आप पूरे प्रदेश को आश्वस्त करिए कि कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही करेंगे. इस पर मंत्री ने कहा कि मार्च से पहले उठाव हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आप साफ लिख दीजिए कि किसे कितना पैसा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को स्पष्ट रहे, उन्हें जानकारी हो। आसंदी ने कहा कि आप कुछ ऐसा चस्पा कर दे कि किसानों को कितना पैसा दिया जा रहा है उन्हें पता हो, क्षति ना हो। इस पर मंत्री ने बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया।